Tamil Nadu Politics: एक्टर विजय की शपथ में रोड़ा बने राज्यपाल? प्रकाश राज ने दागे तीखे सवाल, बढ़ सकता है सस्पेंस

Tamil Nadu News: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के पांच दिन बाद भी सरकार गठन को लेकर सस्पेंस बरकरार है। थलपति विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने 108 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि, वह बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से अब भी दो कदम दूर हैं। राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने विजय के दावे को फिलहाल हरी झंडी नहीं दी है। इस देरी के बीच दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज ने राज्यपाल की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।

राज्यपाल पर बरसे प्रकाश राज, मांगी डेडलाइन

61 वर्षीय प्रकाश राज ने राज्यपाल पर अपनी भड़ास निकालते हुए पूछा है कि आखिर वह विजय को कब तक रोकेंगे। उन्होंने सीधे तौर पर एक डेडलाइन की मांग की है। प्रकाश राज का कहना है कि जनता को जानने का हक है कि उन्हें सरकार कब मिलेगी। उन्होंने राज्यपाल को याद दिलाया कि वे जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि नहीं हैं। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए जल्द फैसला लिया जाना चाहिए।

विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन की वकालत

प्रकाश राज ने ‘टाइम्स नाउ’ से बातचीत में संविधान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि बहुमत का फैसला राजभवन के बजाय विधानसभा के फ्लोर पर होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर विपक्षी दल वोटिंग से दूर रहें, तो संख्या बल खुद बदल जाएगा। प्रकाश राज ने राज्यपाल की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार गिरने का डर फ्लोर पर साबित होना चाहिए। उन्होंने देरी को हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की वजह बताया है।

बहुमत का गणित और गठबंधन की स्थिति

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। विजय की टीवीके के पास 108 सीटें हैं। उन्हें कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई (एम) के समर्थन के साथ अब तक 116 विधायकों का साथ मिला है। विजय अभी भी जादुई आंकड़े से महज 2 सीट पीछे हैं। बीजेपी, डीएमडीके और एएमएमके के पास एक-एक विधायक है। ऐसे में राज्यपाल अल्पमत की सरकार को लेकर फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं।

विजय के लिए प्रकाश राज का खास संदेश

प्रकाश राज ने चुनाव से पहले विजय के प्रशासनिक अनुभव पर शंका जाहिर की थी। अब उन्होंने विजय को जीत की बधाई देते हुए एक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ‘डार्लिंग, मुझे गलत साबित करो और राज्य को अच्छा शासन दो।’ प्रकाश राज ने साफ किया कि उनके मतभेद निजी नहीं बल्कि संवैधानिक और प्रशासनिक हैं। उन्होंने स्टालिन जैसे अनुभवी नेता की हार पर चिंता जताई थी, लेकिन अब वह जनादेश का सम्मान चाहते हैं।

देरी से बढ़ रही है हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका

प्रकाश राज ने राज्यपाल से तीखा सवाल किया कि क्या देरी करने से अटकलें और खरीद-फरोख्त नहीं बढ़ेगी? उन्होंने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जब बहुमत का अभाव था, तब भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। प्रकाश राज ने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की मांग की है। वह चाहते हैं कि विजय को सरकार बनाने का मौका दिया जाए। यदि वह बहुमत साबित नहीं कर पाते, तब राज्यपाल राष्ट्रपति शासन जैसा कदम उठा सकते हैं।

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