LPG Price Update: रसोई गैस के दाम स्थिर लेकिन बुकिंग के बदल गए नियम, अब इतने दिनों बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर

India News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। घरेलू LPG गैस सिलेंडर (14.2 Kg) की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, कमर्शियल गैस की ऊंची कीमतों ने होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। कई महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 3,000 रुपये के पार पहुंच गए हैं। सरकार ने गैस सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने के लिए बुकिंग के नियमों में भी कड़े बदलाव किए हैं।

दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत वर्तमान में 913 रुपये है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 3,071.50 रुपये में मिल रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू गैस के दाम 912.50 रुपये और कमर्शियल के 3,024 रुपये दर्ज किए गए हैं। कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में व्यापारिक इस्तेमाल वाले सिलेंडर की कीमतें 3,200 रुपये के आंकड़े को भी पार कर गई हैं। पटना में उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर के लिए 1,002.50 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

सरकार ने बदला गैस बुकिंग का गणित

गैस सप्लाई को संतुलित करने के लिए सरकार ने नए रिफिल नियम लागू किए हैं। अब शहरों में दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन के बाद ही बुक किया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। कीमतों में संभावित बढ़ोत्तरी के डर से लोग एडवांस बुकिंग कर रहे हैं। इस वजह से नए सिलेंडर की होम डिलीवरी में अब 3 से 5 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा है।

पीएम मोदी ने तेलंगाना में एक संबोधन के दौरान नागरिकों से ऊर्जा बचत की विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस का सीमित इस्तेमाल देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी और आर्थिक बोझ कम होगा। 7 मार्च को घरेलू गैस के दामों में 60 रुपये की बड़ी वृद्धि देखी गई थी। छोटे 5Kg वाले सिलेंडर की कीमत भी अब बढ़कर 810.50 रुपये तक पहुंच गई है।

इन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता

सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए प्राथमिकता सूची भी तैयार की है। अस्पतालों, स्कूलों और जरूरी उद्योगों जैसे स्टील, दवा और कृषि क्षेत्र को बिना किसी बाधा के गैस दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार पाइप से मिलने वाली PNG गैस के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य एलपीजी सिलेंडर पर आम जनता की निर्भरता को धीरे-धीरे कम करना है। फिलहाल व्यावसायिक वर्ग के लिए महंगी गैस एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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