NEET-UG Exam Cancelled: 23 लाख छात्रों को बड़ा झटका, पेपर लीक के बाद अब दोबारा होगी परीक्षा और CBI करेगी जांच

New Delhi News: केंद्र सरकार ने मेडिकल स्नातक प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) को पूरी तरह रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रश्न पत्र लीक होने की पुख्ता पुष्टि होने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह कड़ा कदम उठाया। अब देश भर के 22.79 लाख अभ्यर्थियों को फिर से इस कठिन परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पूरी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है, जो इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करेगी।

नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद अब आगे क्या होगा?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए कोई नया पंजीकरण नहीं करना होगा। विभाग ने परीक्षार्थियों को राहत देते हुए घोषणा की है कि पुन: परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग पुरानी फीस भी वापस करने की योजना बना रहा है। परीक्षा के नए केंद्रों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे छात्रों को असुविधा न हो। एनटीए अगले दस दिनों के भीतर परीक्षा की नई तारीखों की आधिकारिक घोषणा करेगा।

राजस्थान पुलिस की मुस्तैदी से खुला पेपर लीक का राज

पेपर लीक के इस बड़े मामले का खुलासा राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच से हुआ। एसओजी को एक संदिग्ध गेस पेपर मिला था, जिसमें कुल 410 प्रश्न शामिल थे। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इनमें से 140 से अधिक प्रश्न मूल परीक्षा के पेपर से हूबहू मिलते थे। जैसे ही यह इनपुट एनटीए और केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया, परीक्षा की शुचिता पर उठ रहे सवाल हकीकत में बदल गए और सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।

सीबीआई ने संभाली कमान और विशेष टीमों का किया गठन

सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने इस हाई-प्रोफाइल केस के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जिन्हें विभिन्न राज्यों के संदिग्ध ठिकानों पर रवाना कर दिया गया है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि प्रश्न पत्र प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुए या किसी कोचिंग माफिया के साथ मिलीभगत थी। सीबीआई अधिकारियों का दावा है कि वे जल्द ही इस साजिश के पीछे छिपे असली मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लेंगे।

एनटीए के इतिहास में पहली बार पूरी परीक्षा हुई निरस्त

साल 2019 में कार्यभार संभालने के बाद यह पहला मौका है जब एनटीए ने नीट-यूजी की पूरी परीक्षा रद्द की है। हालांकि पिछले वर्षों में भी धांधली के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन एजेंसी उन्हें स्थानीय स्तर की गड़बड़ी बताकर खारिज करती रही थी। इस वर्ष 565 शहरों के लगभग साढ़े पांच हजार केंद्रों पर 3 मई को परीक्षा आयोजित की गई थी। एनटीए महानिदेशक ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और मेधावी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए यह अप्रिय निर्णय लेना अनिवार्य था।

छात्रों के लिए जरूरी निर्देश और भविष्य की तैयारी

पुन: परीक्षा का पूरा खर्च अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी खुद वहन करेगी ताकि छात्रों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के नए प्रश्न पत्र का स्तर काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए छात्रों को अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए। एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही विस्तृत गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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