New Delhi News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सात करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए एक क्रांतिकारी सुविधा शुरू करने जा रहा है। अब पीएफ खाताधारकों को अपने फंड से पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। ईपीएफओ ने एटीएम कार्ड के जरिए सीधे रकम निकालने की सभी तकनीकी और ढांचागत तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस ऐतिहासिक सेवा की शुरुआत अगले महीने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ के विशेष अवसर पर होने की पूरी संभावना है।
30 मई को प्रधानमंत्री कर सकते हैं बड़ा ऐलान
केंद्र सरकार के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 30 मई को इस खास सेवा को लॉन्च करने की योजना है। श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टेस्टिंग का काम अंतिम चरण में है। मंत्रालय का प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस डिजिटल सुधार 3.0 सुविधा का उद्घाटन करें। इस नई व्यवस्था के तहत ईपीएफ खातों को सीधे सदस्यों के बैंक एटीएम से लिंक कर दिया जाएगा, जिससे फंड तक पहुंच आसान होगी।
नियोक्ता की मंजूरी के बिना निकाल सकेंगे पैसा
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपात स्थिति में सदस्यों को अपने नियोक्ता या कंपनी की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अक्सर कागजी कार्रवाई और वेरिफिकेशन के कारण पीएफ का पैसा मिलने में देरी होती है। लेकिन अब एटीएम और यूपीआई एकीकरण के जरिए सदस्य अपनी जमा राशि को सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। यह कदम ईपीएफओ के इतिहास में पारदर्शिता और सुगमता लाने वाला सबसे बड़ा डिजिटल बदलाव साबित होने वाला है।
8.25 प्रतिशत ब्याज का भी है बेसब्री से इंतजार
एटीएम सुविधा के साथ-साथ करोड़ों कर्मचारी अपने खाते में वित्त वर्ष 2025-26 के ब्याज जमा होने की राह देख रहे हैं। ईपीएफओ ने पहले ही 8.25 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर घोषित कर दी है। हालांकि, इसे सदस्यों के खातों में क्रेडिट करने के लिए अभी वित्त मंत्रालय की अंतिम हरी झंडी का इंतजार है। श्रम मंत्रालय को उम्मीद है कि मंजूरी की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। जैसे ही वित्त मंत्रालय का पत्र मिलेगा, ब्याज राशि ट्रांसफर करने का काम शुरू होगा।
यूपीआई और डिजिटल पेमेंट से भी जुड़ेगा पीएफ
भविष्य निधि को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए ईपीएफओ इसे यूपीआई सेवाओं से भी जोड़ने जा रहा है। इससे सदस्य न केवल एटीएम से नकदी निकाल सकेंगे, बल्कि तत्काल डिजिटल भुगतान भी कर पाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि निकासी की सीमा और अन्य विशेष नियमों की घोषणा लॉन्चिंग के समय ही की जाएगी। इस कदम से सात करोड़ परिवारों को वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ जरूरत के समय तुरंत नकदी उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलने वाली है।


