Mumbai News: बॉलीवुड के ‘एवरग्रीन’ स्टार अनिल कपूर ने हाल ही में अपने शुरुआती जीवन और फिल्म इंडस्ट्री की कड़वी हकीकत को लेकर भावुक खुलासा किया है। एक बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ उनके पिता और निर्माता सुरिंदर कपूर की एक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी। इस एक असफलता ने उनके परिवार की दुनिया उजाड़ दी थी। अनिल कपूर ने बताया कि फिल्म के पिटते ही रातों-रात उनके पिता के करीबियों ने उनसे किनारा कर लिया था।
हवाई अड्डे पर अकेले रो रहे थे पिता
अनिल कपूर ने उस दर्दनाक घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे सफलता के बिना इंसान अकेला पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि उनके पिता दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे थे, लेकिन एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए कोई भी मौजूद नहीं था। लोग जो पहले उनके इर्द-गिर्द रहते थे, अचानक गायब हो गए। अनिल ने उस समय अपने पिता को बेहद कमजोर और रोते हुए देखा था। इस घटना ने उनके किशोर मन पर बहुत गहरा और कभी न मिटने वाला प्रभाव डाला।
बेटे के लिए पिता ने नहीं बिछाई सफलता की राह
आमतौर पर माना जाता है कि फिल्म निर्माता का बेटा होने के नाते अनिल के लिए राह आसान रही होगी, लेकिन असलियत इसके उलट थी। सुरिंदर कपूर ने साफ कह दिया था कि अनिल को अपनी मंजिल खुद तलाशनी होगी। उन्होंने एक्टिंग करियर में अनिल की कोई सिफारिश नहीं की। मात्र 18-19 साल की उम्र में अनिल ने घर की जिम्मेदारी और इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव को करीब से महसूस किया। इसी संघर्ष ने उन्हें एक बेहतरीन अभिनेता बनने की प्रेरणा दी।
फ्लॉप फिल्म से मिली सुपरस्टार बनने की जिद
अनिल कपूर ने बताया कि उनके पिता को अपनी फिल्मों के लिए बड़े एक्टर्स साइन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पिता की बेबसी और इंडस्ट्री का दोहरा रवैया देखकर अनिल ने ठान लिया था कि वे खुद एक बड़े स्टार बनेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने तय किया कि मुझे मुख्य अभिनेता बनना है ताकि अपने पिता के सपनों को पूरा कर सकूं।’ आज अनिल कपूर उसी मेहनत के दम पर सिनेमा जगत के सबसे सम्मानित कलाकारों में गिने जाते हैं।
आज भी कायम है अनिल कपूर का जलवा
अनिल कपूर पिछले चार दशकों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं और उनकी ऊर्जा आज भी नए कलाकारों को मात देती है। हाल ही में उन्हें फिल्म ‘सूबेदार’ में देखा गया था, जो ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है। अपनी हर फिल्म के साथ अनिल यह साबित करते हैं कि सफलता केवल टैलेंट और कड़ी मेहनत से ही हासिल की जा सकती है। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बिना किसी गॉडफादर के आगे बढ़ना चाहते हैं।


