Health and Lifestyle News: शरीर में विटामिन डी की महत्ता किसी से छिपी नहीं है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर व्यक्ति के लिए धूप सेंकने का समय अलग-अलग होता है? अक्सर लोग मानते हैं कि कुछ देर धूप में बैठना सबके लिए पर्याप्त है, जबकि दिल्ली एम्स के प्रोफेसर डॉ. भावुक गर्ग का कहना है कि स्किन टोन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देते हैं। दरअसल, विटामिन डी केवल एक पोषक तत्व नहीं बल्कि एक हार्मोन की तरह कार्य करता है, जो हड्डियों की मजबूती और बेहतर इम्यूनिटी के लिए अनिवार्य है।
मोटापा कैसे रोकता है विटामिन डी का रास्ता
चिकित्सकीय शोध और विशेषज्ञों के अनुसार, शारीरिक रूप से भारी या मोटे व्यक्तियों के शरीर में विटामिन डी का अवशोषण सामान्य लोगों की तुलना में काफी धीमा होता है। डॉ. गर्ग बताते हैं कि विटामिन डी ‘फैट सॉल्युबल’ होता है, जिसके कारण मोटे लोगों में यह विटामिन फैट टिश्यू (वसा ऊतकों) में फंस जाता है। इसके परिणामस्वरूप, रक्तप्रवाह में इसकी उपलब्धता कम हो जाती है। यही कारण है कि एक सामान्य व्यक्ति के मुकाबले मोटे व्यक्ति को शरीर में पर्याप्त विटामिन डी बनाने के लिए कम से कम 35 से 40 मिनट तक धूप में रहना आवश्यक है।
डार्क स्किन और मेलेनिन का विटामिन डी से कनेक्शन
डार्क स्किन वाले लोगों के लिए धूप में अधिक समय बिताना केवल पसंद नहीं, बल्कि जैविक आवश्यकता है। गहरे रंग की त्वचा में मेलेनिन की मात्रा अधिक होती है, जो सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट बी (UVB) किरणों के लिए एक प्राकृतिक अवरोधक के रूप में कार्य करता है। यह अवरोध विटामिन डी के संश्लेषण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। एम्स के विशेषज्ञों का सुझाव है कि डार्क स्किन टोन वाले व्यक्तियों को सामान्य लोगों की तुलना में लगभग दोगुना समय यानी 30 से 40 मिनट धूप में बिताने की जरूरत होती है।
धूप सेंकने का सबसे सटीक समय और तरीका
विटामिन डी के अधिकतम लाभ के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक की धूप को सबसे प्रभावी माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे त्वचा पर पड़ती हैं, जिससे शरीर सक्रिय रूप से विटामिन का निर्माण करता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि धूप लेते समय बांहें, पैर और संभव हो तो पीठ का कुछ हिस्सा खुला रखें। यदि आपको चेहरे पर टैनिंग का डर है, तो चेहरे को ढककर शरीर के अन्य हिस्सों को धूप में एक्सपोज करें, ताकि स्वास्थ्य और सुंदरता दोनों बनी रहें।
सिर्फ धूप ही नहीं, खानपान और सप्लीमेंट भी हैं जरूरी
अगर आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर पहले से ही बहुत कम है, तो केवल धूप सेंकना पर्याप्त नहीं होगा। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लेना अनिवार्य हो जाता है ताकि स्तर को जल्दी सामान्य किया जा सके। इसके अलावा, डॉ. गर्ग विटामिन डी के साथ मैग्नीशियम लेने की सिफारिश करते हैं, क्योंकि मैग्नीशियम इस विटामिन के अवशोषण और सक्रियण में सहायक होता है। एक बार स्तर ठीक होने के बाद, इसे बनाए रखने के लिए संतुलित आहार और दैनिक धूप का सेवन एक प्रभावी रणनीति है।
