Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है। यहां एक 55 वर्षीय व्यक्ति की ढांक (गहरी खाई) से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब व्यक्ति अपने परिजनों के साथ स्थानीय मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था। लगातार हो रही बारिश और पगडंडी पर फिसलन इस हादसे का मुख्य कारण बनी। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बारिश के कारण पगडंडी पर हुई थी भारी फिसलन
मृतक की पहचान गजेंद्र सिंह (55) के रूप में हुई है। वह कुल्लू जिले की तहसील के गांव कटोंगर, डाकघर भल्याणी के निवासी थे। जानकारी के अनुसार, गजेंद्र सिंह 14 अप्रैल की रात करीब 8:45 बजे अपने भाई और अन्य ग्रामीणों के साथ बड़ाग्रा मंदिर की ओर प्रस्थान कर रहे थे। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने रास्ते को खतरनाक बना दिया था। कच्ची पगडंडी पर फिसलन अधिक होने के कारण पैदल चलना काफी कठिन हो रहा था।
अंधेरे में बिगड़ा संतुलन और सीधे खाई में गिरे गजेंद्र
मंदिर जाते समय रात का घना अंधेरा था और रास्ता बेहद संकीर्ण था। अचानक गजेंद्र सिंह का पैर फिसला और उनका शारीरिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। बचाव का कोई मौका मिलने से पहले ही वे सीधे गहरी ढांक से नीचे जा गिरे। उनके साथ चल रहे लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने गजेंद्र को खाई से बाहर निकाला और इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाने की व्यवस्था की।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में तोड़ा दम
खाई में गिरने के कारण गजेंद्र को गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं। परिजन और ग्रामीण उन्हें घायल अवस्था में कुल्लू अस्पताल लेकर आ रहे थे। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में गजेंद्र सिंह की हालत बेहद नाजुक हो गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई और जांच
कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मदन लाल कौशल ने इस दुखद हादसे की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस इसे एक दुर्घटना मानकर चल रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
