हिमकेयर योजना में 110 करोड़ का महाघोटाला: विजिलेंस की रडार पर 35 अस्पताल, अब मचेगा हड़कंप

Himachal News: राज्य की महत्वाकांक्षी हिमकेयर योजना में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। विजिलेंस ब्यूरो ने 110 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की जांच तेज कर दी है। इस महाघोटाले की गहराई तक जाने के लिए तीन विशेष टीमों का गठन हुआ है। यह योजना गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज देने के लिए शुरू हुई थी। लेकिन अब कई निजी अस्पताल जांच के घेरे में हैं। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे और अस्पताल संचालकों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

विजिलेंस की तीन टीमें करेंगी घोटाले की बारीकी से जांच

जांच के लिए गठित तीनों टीमों को अलग-अलग काम मिला है। भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  • पहली टीम निजी अस्पतालों का सारा मेडिकल रिकॉर्ड इकट्ठा कर रही है।
  • दूसरी टीम बिलों और दावों के बीच के भारी अंतर को खंगाल रही है।
  • तीसरी टीम इन दोनों की विस्तृत जांच के आधार पर फाइनल रिपोर्ट बनाएगी।

योजना शुरू होते ही किराये के मकानों में कई नए अस्पताल खुल गए थे।

35 निजी अस्पतालों से जुड़ा अहम रिकॉर्ड हुआ जब्त

विजिलेंस विभाग ने हिमाचल और बाहरी राज्यों के पैंतीस निजी अस्पतालों का रिकॉर्ड जुटाया है। प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अस्पतालों ने ऑपरेशन पैकेज से बाहर जाकर फर्जी बिल जोड़े हैं। इससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ा है। कई मामलों में मरीजों के नाम पर फर्जी खर्च दिखाया गया है। वास्तविकता में मरीजों को वह इलाज मिला ही नहीं था। नियम तोड़कर पैसे की भारी लूट मची है। अधिकारी हर फर्जी बिल जांचेंगे।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, निगरानी तंत्र होगा मजबूत

राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि दोषियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। पूरी जांच एकदम पारदर्शी तरीके से चल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने दोषी अस्पतालों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र बहुत मजबूत किया जाएगा। हिमकेयर योजना का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देना है। लेकिन इन बड़ी अनियमितताओं ने योजना की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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