Delhi News: राजधानी के शालीमार बाग इलाके में एक घरेलू सहायिका द्वारा ढाई करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में जब महिला के 15 अलग-अलग गोल्ड लोन अकाउंट्स का खुलासा हुआ, तो अधिकारी भी दंग रह गए। इन खातों में करीब दो किलोग्राम सोना मिला है, जिसकी बाजार में कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस का मानना है कि यह महज एक चोरी नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा है।
बैंकों में गिरवी रखा चोरी का सोना
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव के अनुसार, आरोपी महिला सोना उर्फ के. सोनिया (45) ने चोरी के गहनों को ठिकाने लगाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने चोरी के आभूषणों को मुथूट फिनकार्प, मुथूट फाइनेंस और फेड बैंक जैसी शाखाओं में गिरवी रखकर भारी भरकम लोन लिया। अब तक की जांच में दिल्ली के रोहिणी स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में उसके 15 गोल्ड लोन अकाउंट्स का पता चला है, जिन्हें पुलिस ने फ्रीज कर दिया है।
खूंखार कुत्तों का ‘किला’ और पुलिस की रेड
आरोपी महिला ने पुलिस से बचने के लिए अपने घर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर रखा था। उसने घर में पिटबुल और अमेरिकन बुली जैसे चार विदेशी नस्ल के खूंखार कुत्ते पाल रखे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को भारी मशक्कत करनी पड़ी और कुत्तों को काबू करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाना पड़ा। पुलिसकर्मी बोरी और डंडे लेकर घर में घुसे, जहाँ आरोपी महिला रजाइयों के बीच छिपी हुई पाई गई।
18 साल पुराना आपराधिक इतिहास
जांच में खुलासा हुआ है कि सोनिया एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2008 में पंजाबी बाग थाने में लूट और चोरी की संपत्ति रखने का मामला दर्ज हुआ था। हाल ही में उसने शालीमार बाग में 19 अप्रैल और 29 सितंबर 2025 को दो बड़ी चोरियों को अंजाम दिया। मूल रूप से चेन्नई की रहने वाली यह महिला लंबे समय से दिल्ली में रहकर वारदातों को अंजाम दे रही थी। पुलिस अब उसके सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी से मिली सफलता
व्यवसायी विजयपाल गुप्ता के घर हुई चोरी के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) का सहारा लिया। महिला बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपा रही थी, लेकिन पुलिस की रणनीतिक छापेमारी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने उसके पास से एक लाख रुपये नकद और बैंक दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन शामिल है।


