Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में अवैध खनन के गंभीर मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई है। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा के परिवार के दो सदस्यों पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। स्टोन क्रशर और अवैध खनन से जुड़े इस मामले में पुलिस ने विधायक के भाई उमेश शर्मा और चाचा प्रवीण शर्मा को वीरवार को स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद किया आत्मसमर्पण
अवैध खनन के इस बहुचर्चित मामले में आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी। आरोपियों ने पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। वहां से राहत न मिलने पर उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने 19 मार्च 2026 को आदेश देते हुए उन्हें चार हफ्ते के भीतर सरेंडर करने के निर्देश दिए थे।
सुजानपुर पुलिस खंगालेगी अवैध खनन का पूरा नेटवर्क
हमीरपुर के एसपी बलवीर सिंह ठाकुर ने रिमांड की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। सुजानपुर पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से अवैध खनन में इस्तेमाल मशीनरी और आर्थिक लेन-देन की गहन पूछताछ करेगी। पुलिस को इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता का भी संदेह है। पुलिस नेटवर्क की गहराई तक जाने के लिए आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की भी पड़ताल कर सकती है।
विधायक के परिवार का नाम आने से राजनीतिक हलचल तेज
पुंग खड्ड में अवैध खनन का मामला सामने आने के बाद से ही जिले में काफी आक्रोश है। आरोपियों का सीधा संबंध वर्तमान विधायक के परिवार से होने के कारण हिमाचल की राजनीति में भी उबाल आ गया है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासनिक मुस्तैदी पर सवाल उठा रहे हैं। शनिवार को आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस जांच से क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की लूट रुकेगी।
