Himachal News: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर का 17वां दीक्षा समारोह भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस गौरवशाली कार्यक्रम में कुल 638 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 504 स्नातकोत्तर (एमएससी) और 134 पीएचडी शोधार्थी शामिल रहे। प्रदेश के कृषि सचिव सी. पालरासु ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर मेधावियों को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेश के कृषि और शैक्षणिक भविष्य की नई उम्मीदें जगा दी हैं।
मेधावी छात्रों को मिले नौ स्वर्ण पदक
दीक्षा समारोह के दौरान शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नौ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। मुख्य अतिथि ने पीएचडी स्तर पर प्रवेश कुमार, गौरव, शिल्पा और नवनीत कौर को स्वर्ण पदक दिए। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर अंजलि ठाकुर, राहुल शर्मा, शिवानी भदवाल, नेहा राणा और आशीष शर्मा को पदक मिले। स्वर्ण पदक विजेताओं के चेहरे पर कड़ी मेहनत की सफलता साफ झलक रही थी। इस अवसर पर कुलपति डॉ. एके पांडा और कुलसचिव डॉ. मधु चौधरी भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति का दौरा रद्द होने के बाद भी उत्साह बरकरार
इस समारोह में पहले राष्ट्रपति का आगमन प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा रद्द हो गया। इसके बावजूद विद्यार्थियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा से सम्मान पाकर मेधावी भावुक और गौरवांवित नजर आए। गोल्ड मेडलिस्ट्स का कहना है कि राष्ट्रपति से मिलना एक बड़ा सपना था। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन से मिला यह सम्मान भी उनके लिए जीवन भर की अमूल्य पूंजी है। वे अब देश की सेवा को तैयार हैं।
कृषि और पशुपालन में भविष्य बनाएंगे शोधार्थी
स्वर्ण पदक विजेता डॉ. प्रवेश कुमार और डॉ. गौरव ने अपनी सफलता का श्रेय समय प्रबंधन और कड़ी मेहनत को दिया। पीएचडी करने के बाद अब ये युवा कृषि स्नातकों और पशुपालकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। डॉ. शिल्पा और नवनीत कौर जैसी मेधावी छात्राएं शोध और निजी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। इनका मानना है कि कृषि क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। ये सभी युवा वैज्ञानिक कृषि की आधुनिक तकनीकों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
प्रशासनिक सेवा के जरिए जनता की सेवा का लक्ष्य
स्नातकोत्तर स्तर की गोल्ड मेडलिस्ट शिवानी भदवाल का लक्ष्य किसानों को पारंपरिक खेती की ओर वापस मोड़ना है। वहीं राहुल शर्मा और आशीष शर्मा जैसे मेधावी छात्र प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहते हैं। उनका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। ये युवा अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों का उपयोग जन कल्याण के लिए करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अभी से कड़ी मेहनत शुरू कर दी है। उनकी यह सोच ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
शिक्षा जगत की जानी-मानी हस्तियों ने बढ़ाई शोभा
समारोह में पद्मश्री डॉ. पीएल गौतम और पूर्व कुलपतियों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंध मंडल के सदस्यों ने पारंपरिक शैक्षणिक शोभायात्रा में भाग लिया। इस दीक्षा समारोह ने न केवल डिग्रियां बांटीं, बल्कि प्रदेश को नए कृषि विशेषज्ञ भी दिए। पालमपुर विश्वविद्यालय का यह आयोजन शिक्षा और कृषि के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।


