Uttar Pradesh News: गौतम बुद्ध नगर जिले में चिलचिलाती धूप और भीषण लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सभी स्कूलों के समय में तत्काल बदलाव किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी नए आदेश के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 से सभी विद्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही संचालित होंगे। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को लू और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रखना है।
सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नया नियम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जिले के सभी शिक्षण संस्थानों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड और इंटरनेशनल बोर्ड (IB) से संबद्ध सभी सरकारी व निजी स्कूल शामिल हैं। प्रशासन ने छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इसलिए स्कूलों को दोपहर की तपिश शुरू होने से पहले छुट्टी करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने सभी स्कूलों को चेताया है कि नए समय का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। शिक्षा विभाग की टीमें औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगी। अधिकारियों का मानना है कि दोपहर 12:30 बजे के बाद तापमान तेजी से बढ़ता है। ऐसे में बच्चों का स्कूल परिसर में रहना या घर के लिए सफर करना जोखिम भरा हो सकता है।
देश के कई अन्य राज्यों में भी बदला गया शेड्यूल
भीषण गर्मी केवल नोएडा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए चुनौती बन गई है। पटना में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को 30 अप्रैल तक सुबह 11:30 बजे बंद करने का आदेश है। देहरादून प्रशासन ने स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को फिलहाल बंद रखने का फैसला किया है। राजस्थान के सीकर में भी कक्षा 8 तक के बच्चों का समय दोपहर 11:30 बजे तक सीमित है। झारखंड में भी जूनियर और सीनियर कक्षाओं के लिए अलग-अलग सुबह की शिफ्ट तय की गई है।
अभिभावकों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की विशेष सलाह
डॉक्टरों ने गर्मी के इस मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की अपील की है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय पानी की बोतल और ग्लूकोज जरूर साथ दें। बच्चों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं जिससे उन्हें गर्मी कम लगे। यदि बच्चा कमजोरी महसूस करे या चक्कर आने की शिकायत हो, तो उसे तुरंत ओआरएस (ORS) का घोल दें। किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
गर्मी से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और अधिक बढ़ने की आशंका जताई है। ऐसे में प्रशासन ने स्कूलों को पर्याप्त ठंडे पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार ने भी स्कूलों को छात्रों के लिए ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने को कहा है। नोएडा में लिया गया यह फैसला अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। छात्रों की सुरक्षा के लिए खेलकूद की बाहरी गतिविधियों को भी सीमित करने की सलाह दी गई है। सुरक्षित रहकर ही गर्मी के प्रकोप से बचा जा सकता है।


