Washington News: अमेरिका के व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट हाल ही में दूसरी बार मां बनी हैं। उन्होंने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया है, जिसका नाम विवियाना रखा गया है। जहां एक ओर उन्हें इस खुशी के मौके पर दुनिया भर से बधाइयां मिल रही हैं, वहीं ईरान ने उनके पोस्ट को लेकर तीखा हमला बोला है। मदर्स डे के अवसर पर अलग-अलग देशों में स्थित ईरानी दूतावासों ने कैरोलिन के पोस्ट को निशाना बनाते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
ईरानी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर साधा तीखा निशाना
इंडोनेशिया में ईरानी दूतावास ने कैरोलिन के पोस्ट को साझा करते हुए एक भावनात्मक संदेश लिखा। दूतावास ने कहा कि हर बच्चे को अपनी मां की गोद मिलनी चाहिए। उन्होंने कैरोलिन को याद दिलाया कि कई मांओं को अपने बच्चों को गले लगाने का मौका नहीं मिल पाता है। दूतावास ने इसे एक ऐसी दुखद घटना बताया जिसे दुनिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ईरानी दूतावासों की यह प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
मिनाब स्कूल हमले का जिक्र कर लगाया गंभीर आरोप
हैदराबाद में स्थित ईरानी दूतावास ने कैरोलिन को बधाई देने के साथ ही कड़वे सच की याद दिलाई। उन्होंने लिखा कि आपकी सेना ने मिनाब स्कूल को दो बार निशाना बनाया है। इस हमले में 168 छात्रों की मौत हो गई थी। दूतावास ने एक दुखी मां का हवाला देते हुए लिखा कि उसके बेटे का सिर्फ एक जूता बचा है। ईरानी अधिकारियों ने कैरोलिन के पोस्ट पर सीधे तौर पर बच्चों की मौत का मुद्दा उठाकर सनसनी फैला दी है।
इतिहास और शर्मिंदगी को लेकर दी कड़ी चेतावनी
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने कैरोलिन के भविष्य को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा कि जब आपकी बेटी बड़ी होकर इतिहास पढ़ेगी, तो उसे आपकी सरकार की सेवा पर शर्म महसूस होगी। दूतावास ने कैरोलिन के हाथों को मासूम बच्चों के खून से रंगा हुआ बताया है। आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मिनाब स्कूल में मारे गए 168 बच्चे भी उतने ही मासूम थे जितना आपका बच्चा है।
मिनाब स्कूल हमले की पृष्ठभूमि और भयावह आंकड़े
दरअसल, यह विवाद 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले से जुड़ा हुआ है। अमेरिका और इजरायल पर मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल को निशाना बनाने का आरोप है। स्थानीय मीडिया और ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर ने इस हमले की पुष्टि की थी। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 175 लोगों की जान गई थी। मरने वालों में ज्यादातर 7 से 12 साल के छोटे बच्चे शामिल थे। इसी हमले को लेकर ईरान लगातार अमेरिका को घेर रहा है।
कैरोलिन लेविट ने साझा की थी अपनी खुशी
अमेरिकी प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अपनी पोस्ट में बेटी विवियाना उर्फ विवि के आने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था कि 1 मई को उनका परिवार और भी बड़ा और खुशहाल हो गया है। कैरोलिन ने अपनी बेटी को बिल्कुल स्वस्थ बताया और बड़े भाई के साथ उसकी बॉन्डिंग का जिक्र किया। उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान प्रार्थना करने वाले सभी लोगों का आभार जताया था। कैरोलिन ने इस पोस्ट के जरिए अपनी खुशी जाहिर की थी, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है।

