पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ीं, पहली बातचीत में बेइज्जती के बाद हटाए पोस्टर, अमेरिका ने दूसरे दौर के लिए रखीं दो नई शर्तें

World News: पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच पहले दौर की शांति वार्ता विफल रही। इसके बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद से सभी पीस टॉक के पोस्टर और बैनर हटवा दिए हैं। अब पाकिस्तान दूसरे दौर की बातचीत कराने के लिए फिर से प्रयास कर रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि को और नुकसान न पहुंचे।

पहली बैठक में कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, पाकिस्तान को लगा झटका

पहले दौर की बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। इससे पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने अपनी जमीन पर दूसरे दौर की वार्ता कराने के लिए वॉशिंगटन और तेहरान को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, अभी तक बैठक की कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है।

अमेरिका ने दूसरे दौर से पहले रखीं दो बड़ी शर्तें

अमेरिका ने ईरान के साथ होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर से पहले दो नई शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बिना किसी रुकावट के खोल दिया जाए। इससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी। दूसरी शर्त पारस्परिकता (Reciprocity) की है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान किसी दूसरे देश के जहाजों को रोकेगा, तो उसके जहाजों पर हमले किए जाएंगे।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने डेलिगेट्स को रोका, अंदरूनी मतभेद सामने आए

रिपोर्ट के अनुसार रिवोल्यूशनरी गार्ड के सीनियर कमांडरों ने पाकिस्तान में मौजूद ईरानी डेलिगेट्स को अमेरिका को जवाब देने से रोक दिया था। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने डेलिगेट्स प्रमुख से देश को आर्थिक पतन से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। अमेरिका चाहता है कि ईरानी टीम के पास IRGC से पूर्ण अधिकार हो, ताकि बातचीत में कोई रुकावट न आए।

अगले सप्ताह शुक्रवार से रविवार के बीच हो सकती है अहम बैठक

इस्लामाबाद में ईरानी दूतावास के एक अधिकारी के अनुसार बातचीत अगले सप्ताह की शुरुआत में हो सकती है। एक ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि शुक्रवार से रविवार तक का समय इसके लिए खुला रखा गया है। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि ईरान दूसरे दौर की वार्ता के लिए सकारात्मक है। इस्लामाबाद दोनों देशों के संपर्क में है। बैठक संभवतः आने वाले वीकेंड में हो सकती है।

तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार पर बातचीत के परिणाम का असर

अमेरिका और ईरान के बीच यह वार्ता सीधे तौर पर समुद्री व्यापार और तेल सप्लाई से जुड़ी हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में दूसरे दौर की बातचीत के नतीजों पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। हालांकि, अभी तक अमेरिका की ओर से इन योजनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान दोनों पक्षों को फिर से मेज पर लाने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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