Himachal News: मंडी जिले के सरकाघाट में छात्रा सिया की दर्दनाक हत्या ने प्रशासन की नींद तोड़ दी है। इस वारदात के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया अमला अचानक जाग गया है। ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए मंगलवार को बस सेवा बहाल हुई है। इलाके में पिछले एक महीने से बंद पड़ी निगम की बस रातों-रात चलने लगी है। लोक निर्माण विभाग ने हत्या के कुछ घंटों बाद ही मार्ग का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
पैदल सफर के दौरान हुआ कत्ल
गोपालपुर के नैण गांव में हुई इस हत्या से लोगों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि बस बंद होना ही हत्याकांड की वजह बनी। बस न चलने के कारण सिया को डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। सोमवार को इसी सुनसान रास्ते पर एक दरिंदे ने उस पर हमला किया। आरोपी ने बेरहमी से गला रेतकर मासूम छात्रा की हत्या कर दी।
सड़क टूटने से ठप थी बस
स्थानीय ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों के अनुसार पिछले एक महीने से नैण-ठाणा रूट पर बसें बंद थीं। सरकाघाट-गोपालपुर रूट की बसें नैण होकर ही ठाणा तक जाती थीं। लेकिन रास्ते में सड़क पर डंगा गिरने के कारण विभाग ने काम लगा दिया था। विभाग ने इस मार्ग को पूरे एक महीने से बंद रखा था। इसी लापरवाही ने मासूम की जान ली।
जनता का आक्रोश देख जागे अधिकारी
सोमवार को हत्याकांड के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। लोगों ने बस न चलने पर आक्रोश जताते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। मामला बिगड़ता देखकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी नींद से जागे। उन्होंने सोमवार दोपहर को ही मार्ग का फिटनेस प्रमाण पत्र निगम को सौंप दिया। इसके बाद मंगलवार को निगम ने तुरंत बस भेज दी। परिवहन प्रबंधक ने इसकी पुष्टि की है।
विभागीय तालमेल की कमी ने खड़े किए सवाल
इस मामले में सरकारी विभागों के बीच भारी लापरवाही और खराब तालमेल सामने आया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश कुमार का बयान काफी हैरान करने वाला है। उन्होंने बताया कि मार्ग को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। उनका कहना है कि यह प्रमाण पत्र कनिष्ठ या सहायक अभियंता ही जारी करते हैं। अधिकारियों का यह रवैया घोर निराशाजनक है।
