Himachal Day 2026: 78वें स्थापना दिवस के जश्न में डूबी देवभूमि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल वासियों को दी बधाई

Himachal News: देवभूमि हिमाचल आज अपना 78वां स्थापना दिवस गर्व के साथ मना रहा है। पूरे राज्य में भव्य उत्सव का माहौल है। मुख्य समारोह किन्नौर के रिकांगपिओ में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सुबह 11 बजे तिरंगा फहराया। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर भी जश्न का माहौल है। वहां उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ध्वजारोहण कर जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम की विधिवत अध्यक्षता की।

पहाड़ी रियासतों के विलय से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर

हिमाचल का गठन 15 अप्रैल 1948 को 30 रियासतों को मिलाकर हुआ था। पहले इसे मुख्य आयुक्त प्रदेश का दर्जा प्राप्त हुआ। साल 1950 में यह पार्ट-सी और 1956 में केंद्र शासित प्रदेश बना। 25 जनवरी 1971 को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देवभूमि की शानदार सांस्कृतिक धरोहर और निरंतर विकास की जमकर प्रशंसा की है। यह ऐतिहासिक सफर प्रदेश की पहचान का आधार है।

आर्थिक विकास और प्रति व्यक्ति आय में भारी उछाल

विकास के मोर्चे पर हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों में है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2,83,626 रुपये पहुंच गई है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से 64 हजार रुपये अधिक है। यह कमाई पंजाब से भी ज्यादा है। साल 1971 में राज्य की आय केवल 651 रुपये थी। वर्तमान में प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत हो गई है। पिछले एक साल में इसमें लगभग 9.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सेब उत्पादन ने बदल दी लाखों बागवानों की किस्मत

राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी और सेब उत्पादन की अहम भूमिका है। यहां करीब चार लाख परिवार बागवानी से जुड़े हैं। राज्य में सालाना पांच हजार करोड़ रुपये का सेब कारोबार होता है। साल 1950 में सेब का दायरा 400 हेक्टेयर था। यह रकबा 2024-25 में 1,16,338 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। शिमला के क्यारी और मड़ावग गांव सेब उत्पादन में एशिया के सबसे समृद्ध गांव घोषित हुए हैं। वर्तमान में मड़ावग में 150 करोड़ का सेब उत्पादन होता है।

पर्यटन, उद्योग और हाईवे से मिली विकास को नई रफ्तार

अर्थव्यवस्था में उद्योग और सेवा क्षेत्र का योगदान तेजी से बढ़ रहा है। सोलन जिला एशिया के प्रमुख फार्मा हब के रूप में उभरा है। वहां प्रति व्यक्ति आय सबसे ज्यादा है। कृषि क्षेत्र की बिक्री 32,415 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटन उद्योग भी उछाल पर है। पिछले साल करीब डेढ़ करोड़ सैलानी यहां छुट्टियां मनाने पहुंचे। नए हाईवे और फोरलेन प्रोजेक्ट्स के निर्माण से राज्य के समग्र विकास को तेज गति मिल रही है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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