Pune News: आनंद राठी वेल्थ की 33 वर्षीय महिला कर्मचारी ने कंपनी के सीईओ सहित पांच वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न, धमकी और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। इस मामले में पुणे के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कंपनी ने इसे बेबुनियाद बताते हुए कानूनी सहयोग का भरोसा दिलाया है।
किन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR?
एफआईआर में सीईओ राकेश रावल, एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर सोनाली रावल, एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर स्वप्न चक्रवर्ती, एचआर हेड तेजल शाह और जॉइंट सीईओ फिरोज अजीज के नाम शामिल हैं। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर स्वप्ना चक्रवर्ती ने उसे परेशान किया और उसका पीछा भी किया। इसके बावजूद अन्य अधिकारियों ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
शिकायत करने पर नौकरी से निकालने की धमकी
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने आंतरिक तौर पर इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। एफआईआर के अनुसार, कंपनी के भीतर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, संगठन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने इसे डराने-धमकाने और संस्थागत निष्क्रियता का मामला बताया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कंपनी ने क्या कहा? ‘बेबुनियाद आरोप, कानूनी सहयोग कर रहे’
आनंद राठी वेल्थ ने अपने बयान में कहा कि यह मामला सीईओ, जॉइंट सीईओ और दो अन्य महिला अधिकारियों के खिलाफ बेबुनियाद है। कंपनी ने बताया कि उन्होंने कर्मचारी को पीओएसएच फ्रेमवर्क के तहत आंतरिक समिति से संपर्क करने की सलाह दी थी, लेकिन उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चुना। फर्म का कहना है कि वह जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रही है।
मुंबई पुलिस ने पहले बंद किया था मामला, अब औद्योगिक अदालत में सुनवाई
कंपनी ने यह भी बताया कि इससे जुड़ा एक मामला 24 मार्च, 2026 को मुंबई पुलिस द्वारा पहले ही बंद कर दिया गया था। फिलहाल यह मामला एक औद्योगिक अदालत में विचाराधीन है। आनंद राठी वेल्थ ने कहा कि वह सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेगी। साथ ही कंपनी ने महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
