World News: अंडमान सागर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मलेशिया जा रहे सैकड़ों लोगों से भरी एक नाव समुद्र में डूब गई। यह नाव बांग्लादेश से रवाना हुई थी और खराब मौसम के कारण पलट गई। अब तक 250 से अधिक लोग लापता हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
मानव तस्करी का भयावह जाल, नौकरी का झांसा देकर ले जा रहे थे लोग
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसियों ने इस घटना को बड़ी मानवीय त्रासदी बताया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि मानव तस्करी का मामला है। तस्कर लोगों को मलेशिया में बेहतर नौकरी का झांसा देकर समुद्र के खतरनाक रास्ते भेज रहे थे। यह रूट दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में से एक है।
बचा युवक बोला- नाव में पहले ही 25-30 लोगों की मौत हो गई थी
रफीकुल इस्लाम नामक युवक इस हादसे में बाल-बाल बचा। उसने बताया कि तस्करों ने 2 अप्रैल को उसे बांग्लादेश के कुतुपालोंग से नौकरी का लालच देकर फंसाया। कई दिनों तक उसे बंधक बनाकर रखा गया। 4 अप्रैल की रात उन्हें एक मछली पकड़ने वाली बड़ी नाव पर ले जाया गया। नाव में करीब 280 लोगों को ठूंस दिया गया था। सफर के दौरान ही ऑक्सीजन की कमी से 25-30 लोग मर गए थे।
पानी की बोतल के सहारे 36 घंटे तैरता रहा युवक
रफीकुल के अनुसार, नाव पलटने के बाद उसने करीब 36 घंटे समुद्र में संघर्ष किया। वह दो लीटर की पानी की बोतल के सहारे तैरता रहा। नाव से फैले तेल की वजह से उसके शरीर पर गंभीर जलन हुई। बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने 9 अप्रैल को एक जहाज की मदद से उसे और 8 अन्य लोगों को बचाया। लापता 250 से अधिक लोगों की तलाश जारी है, लेकिन उनके बचने की उम्मीद कम है।
रोहिंग्या शरणार्थी हैं सबसे ज्यादा शिकार
बांग्लादेश के शिविरों में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार में हिंसा और उत्पीड़न से बचकर आए हैं। वहां की बदतर स्थिति से तंग आकर वे मलेशिया जैसे देशों में शरण पाना चाहते हैं। मानव तस्कर इसी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। वे अवैध समुद्री रास्तों के जरिए लोगों को भेजने का झांसा देते हैं। यह रास्ता बेहद खतरनाक है, और हर साल कई लोग ऐसे हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं।
