हिमाचल दिवस पर सीएम सुक्खू का मास्टरस्ट्रोक: कर्मचारियों को मिला छप्परफाड़ तोहफा, जानिए किसके खाते में आएंगे पैसे?

Himachal Pradesh: जनजातीय जिला किन्नौर में 79वें राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस का शानदार आयोजन हुआ। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार कर्मचारियों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा पूरा बकाया

समारोह को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू ने पेंशनर्स के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए प्रथम श्रेणी के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इन कर्मचारियों के सभी बकाया का भुगतान इसी साल मई महीने तक कर दिया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट की राशि शामिल है। प्रदेश सरकार इस पूरी प्रक्रिया पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

अधिकारियों की सैलरी से कटा वेतन वापस

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने क्लास-1 और क्लास-2 स्तर के अधिकारियों को बहुत बड़ी राहत दी है। इन अधिकारियों के वेतन पर लगाए गए तीन प्रतिशत के कट को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया गया है। हालांकि, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पदों पर कटौती जारी रहेगी। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिवों और डीजीपी के वेतन पर 20 से 30 प्रतिशत की रोक लागू रहेगी।

अनुबंध और आउटसोर्स कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

प्रदेश के विकास में कर्मचारियों की कड़ी मेहनत को सरकार ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने अनुबंध और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कई नई नीतियां स्पष्ट की हैं। इसके तहत मुख्य रूप से दो बड़े फायदे दिए जाएंगे:

  • 31 मार्च 2026 तक दो साल का सेवाकाल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मचारी नियमित होंगे।
  • आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय अब 13,070 रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित कर दिया गया है।

इन फैसलों से हजारों अस्थायी कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

करुणामूलक नौकरी और पुरानी पेंशन पर अपडेट

सरकार ने करुणामूलक रोजगार नीति में भी बहुत बड़ा और अहम बदलाव किया है। अब प्रति परिवार आय की पात्रता सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा केवल दो लाख 50 हजार रुपये थी। सरकार ने अब तक करुणामूलक आधार पर 646 नौकरियां दी हैं। इसके अलावा 99,799 नए पेंशन मामले भी मंजूर किए गए हैं। वहीं, शिमला में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने साफ किया कि पुरानी पेंशन योजना आगे भी जारी रहेगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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