Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार सुबह मौसम ने भयानक करवट ली है। पूरी घाटी में तेज हवाओं और आंधी ने तबाही मचाई है। कई इलाकों में घरों की छतें उड़ गई हैं और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि डल झील में शिकारों पर सवार लोगों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कश्मीर क्षेत्र में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
श्रीनगर और पुलवामा में भारी नुकसान
तेज हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। श्रीनगर और पुलवामा सहित कश्मीर के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। तेज रफ्तार आंधी के कारण कई मकानों की छतें हवा में उड़ गईं। डल झील और नदी के किनारों पर रहने वाले नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
19 अप्रैल तक आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू और कश्मीर संभाग में 19 अप्रैल तक मौसम बेहद खराब रहेगा। इस दौरान कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी ओलावृष्टि होने की संभावना है। घाटी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में हल्की से लेकर मध्यम स्तर की बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम बदलने के कारण इलाके के तापमान में भी गिरावट आई है।
गर्मी के बाद अचानक लुढ़का पारा
इस तूफानी मौसम से पहले 16 अप्रैल को घाटी में काफी गर्मी थी। कश्मीर संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस तक अधिक था। जम्मू संभाग में भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। श्रीनगर का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। जबकि जम्मू के कठुआ में यह 36.0 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था। अब तेज बारिश के कारण लोगों को इस चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है।
न्यूनतम तापमान में भी दिखा बड़ा बदलाव
रात के न्यूनतम तापमान में भी काफी बदलाव देखने को मिला है। कश्मीर संभाग में रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। जम्मू संभाग में यह लगभग सामान्य बना रहा। कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ जम्मू संभाग के बनिहाल में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आज की बारिश और हवाओं ने पूरे मौसम का मिजाज बदल दिया है।
