Himachal Pradesh News: बिलासपुर के विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए बुधवार का दिन बेहद डरावना रहा। श्रद्धालुओं से भरी एक टेंपो ट्रैवलर अचानक अनियंत्रित होकर कोला वाला टोबा के पास सड़क से नीचे लुढ़क गई। हादसे के वक्त वाहन में करीब 15 लोग सवार थे, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल थे। गनीमत रही कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद किसी की जान नहीं गई और सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।
नयना देवी के दर्शन कर दिल्ली लौट रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के रहने वाले ये श्रद्धालु माता श्री नयना देवी के दरबार में माथा टेकने आए थे। बुधवार को दर्शन के बाद सभी खुशी-खुशी घर लौट रहे थे। जैसे ही उनका वाहन (DL 1VC 6729) संनटीना यात्री निवास के पास पहुंचा, अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन सीधे सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गया। अचानक हुए इस हादसे से वाहन के भीतर मौजूद लोगों में कोहराम मच गया।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, बच्चों को सुरक्षित निकाला
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर श्रद्धालुओं की दर्दनाक चीख-पुकार गूंजने लगी। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। वाहन में 3 से 4 छोटे बच्चे भी फंसे हुए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बड़ी सावधानी के साथ बाहर निकाला। हालांकि कई श्रद्धालुओं को हल्की और मध्यम चोटें आई हैं, लेकिन समय रहते रेस्क्यू शुरू होने से किसी भी तरह की अनहोनी को टाल दिया गया।
पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही थाना कोट के प्रभारी हरनाम सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर जबरदस्त जज्बा दिखाते हुए सभी घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुष्टि की है कि सभी घायलों की हालत अब खतरे से पूरी तरह बाहर है और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
पुलिस कर रही है हादसे के कारणों की गहन जांच
थाना प्रभारी हरनाम सिंह ने मीडिया को बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वाहन के अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई है। पुलिस अब चालक के बयानों और घटनास्थल के साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी रास्तों और तीखे मोड़ों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


