Himachal News: रामपुर के नर्सिंग हॉस्टल में टीबी फैलने की खबरें वायरल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 19 नहीं, बल्कि केवल दो छात्राएं पॉजिटिव मिली थीं। दोनों मरीजों का इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया था। विभाग ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। जनता से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सही जानकारी पर ही विश्वास करें।
संक्रमण और इलाज की वास्तविक समय सीमा
जुलाई 2025 में पहली छात्रा टीबी संक्रमित पाई गई थी। बीमारी का पता चलते ही उसी दिन उसका उचित उपचार शुरू कर दिया गया था। एहतियात के तौर पर उसके 13 करीबी संपर्कों को बचाव के लिए दवा दी गई थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में एक और छात्रा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसका भी तुरंत इलाज शुरू किया गया और तीन संपर्कों को निरोधक दवाएं दी गईं। पहली मरीज अब स्वस्थ है और दूसरी का इलाज जारी है।
बचाव के लिए दी जा रही है टीपीटी दवा
सोशल मीडिया पर 19 छात्राओं के संक्रमित होने का झूठा दावा है। असल में 17 छात्राएं केवल करीबी संपर्क में आई थीं। इनमें 16 हॉस्टल के मरीजों और एक बाहर के मरीज से जुड़ी है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार इन सभी को टीपीटी दवा दी जा रही है। यह दवा भविष्य में टीबी के खतरे से बचाने का काम करती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल में एमडीआर टीबी का कोई मामला नहीं है।
मरीजों को मिल रही है आर्थिक और पोषण सहायता
स्वास्थ्य विभाग ने दोनों संक्रमित छात्राओं को हर संभव मदद उपलब्ध कराई है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सभी नियमों का पालन किया गया है। बीमारी की रोकथाम और मरीजों की भलाई के लिए निम्नलिखित प्रभावी कदम उठाए गए हैं:
- निक्षय पोषण योजना के तहत बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी गई है।
- निक्षय मित्र पहल के जरिए मरीजों को विशेष पोषण किट दी गई।
- मार्च 2026 में हॉस्टल के अंदर एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
विशेष जांच शिविर में 80 छात्राओं की हुई जांच
बीमारी को फैलने से रोकने के लिए छह मार्च 2026 को हॉस्टल में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने आधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल किया। शिविर में कुल 80 छात्राओं के फेफड़ों की जांच की गई थी। इसके साथ ही सभी छात्राओं में टीबी के लक्षणों का भी परीक्षण किया गया था। इस गहन जांच अभियान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया है।


