London News: क्रिकेट की दुनिया में शोहरत की बुलंदियों को छूने वाला एक खिलाड़ी जब सलाखों के पीछे पहुँचता है, तो वह पूरे खेल जगत को झकझोर देता है। यह कहानी इंग्लैंड के पूर्व स्टार ऑलराउंडर क्रिस लुईस की है। कभी महान इयान बॉथम से तुलना पाने वाला यह खिलाड़ी अपनी ही गलतियों के कारण अर्श से फर्श पर आ गिरा। मैदान पर बल्लेबाजों को अपनी रफ्तार से डराने वाले लुईस का करियर ड्रग तस्करी के काले साये में पूरी तरह तबाह हो गया।
क्रिस लुईस का शानदार आगाज और बॉथम से तुलना
गुयाना में जन्मे क्रिस लुईस ने साल 1990 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उनकी लंबी कदकाठी और गेंद को स्विंग कराने की अद्भुत क्षमता ने उन्हें जल्द ही टीम का मुख्य हिस्सा बना दिया। क्रिकेट पंडित उन्हें इंग्लैंड का ‘अगला इयान बॉथम’ मानने लगे थे। लुईस निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए भी मशहूर थे। उन्होंने अपने करियर में 32 टेस्ट और 53 वनडे मैच खेले, जिसमें उनके नाम 93 टेस्ट विकेट दर्ज हैं।
सफलता की चकाचौंध और अनुशासन की कमी
मैदान पर अपार प्रतिभा होने के बावजूद क्रिस लुईस अनुशासन और चोटों की समस्याओं से जूझते रहे। उन्होंने 1991 में श्रीलंका के खिलाफ एक यादगार टेस्ट शतक भी जड़ा था। लेकिन वे कभी भी अपनी पूरी क्षमता के साथ न्याय नहीं कर सके। साल 1999 में उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। संन्यास के बाद उनकी जिंदगी ने एक ऐसा मोड़ लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। क्रिकेट छूटते ही उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी।
आर्थिक तंगी और ड्रग तस्करी का जाल
क्रिकेट से दूर होने के बाद लुईस ने कई व्यापारिक प्रयास किए लेकिन उन्हें हर जगह असफलता ही हाथ लगी। साल 2008 तक वे कर्ज और भारी आर्थिक संकट के दलदल में फंस चुके थे। इसी मजबूरी और पैसे के लालच में उन्होंने तस्करी का रास्ता चुना। दिसंबर 2008 में वे सेंट लूसिया से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे पर उतरे। कस्टम अधिकारियों को उनके सामान की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध डिब्बे मिले, जिसने उनकी पोल खोल दी।
क्रिकेट बैग में मिली करोड़ों की कोकीन
जांच अधिकारियों ने जब लुईस के क्रिकेट बैग की तलाशी ली, तो वे दंग रह गए। बैग में फलों के रस के डिब्बों में तरल कोकीन छिपाई गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ड्रग्स की कीमत लगभग 1.40 लाख पाउंड आंकी गई थी। लुईस ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें डिब्बों के भीतर मौजूद सामग्री की जानकारी नहीं थी। हालांकि, अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया। मई 2009 में उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी का दोषी पाया गया।
जेल की सलाखें और बदला हुआ जीवन
अदालत ने क्रिस लुईस को 13 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जेल के एकांत और अंधेरे ने उनके जीवन के प्रति नजरिए को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने अपनी सजा का आधा हिस्सा यानी छह साल जेल में काटे और 2015 में रिहा हुए। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपनी गलतियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया। अब वे एक बदला हुआ इंसान बनकर समाज के बीच अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
युवाओं के लिए एक चेतावनी भरी मिसाल
आज क्रिस लुईस एक प्रेरक वक्ता के रूप में युवा क्रिकेटरों के बीच जाते हैं। वे युवाओं को बताते हैं कि कैसे एक गलत फैसला शानदार करियर और हंसती-खेलती जिंदगी को बर्बाद कर सकता है। खेल जगत की यह दुखद घटना सिखाती है कि सफलता को संभालना उतना ही जरूरी है जितना उसे हासिल करना। लुईस का जीवन अब उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो शॉर्टकट के चक्कर में अपना भविष्य दांव पर लगा देते हैं।


