Himachal News: हिमाचल प्रदेश में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों में बड़ा बदलाव हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है। हाल ही में प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं पर दबाव बनाने की कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। व्हाट्सएप पर वोट की तस्वीर मांगने जैसी घटनाओं ने आयोग की चिंता बढ़ा दी है।
मतदान की गोपनीयता और सख्त कदम
चुनाव आयोग गोपनीयता भंग होने से रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। कुछ प्रत्याशी मतदाताओं से वोट की तस्वीर मांगकर अनुचित दबाव बना रहे थे। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने मोबाइल प्रतिबंध योजना की पुष्टि की है। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल पर रोक से अनियमितताओं पर लगाम लगेगी। प्रत्याशी और उनके समर्थक अब किसी मतदाता को डरा या धमका नहीं सकेंगे।
कानूनी पहलुओं की हो रही गहन जांच
आयोग निर्णय लागू करने से पहले सभी कानूनी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहा है। विधि विशेषज्ञों से इस महत्वपूर्ण विषय पर लगातार गंभीर राय ली जा रही है। अधिकारी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि फैसला पूरी तरह चुनावी कानूनों के अनुरूप हो। इसके बाद ही मोबाइल बैन की अंतिम और आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। फिलहाल आयोग के भीतर इस अहम मुद्दे पर लगातार मंथन का दौर जारी है।
केंद्र के बाहर बनेगी मोबाइल जमा करने की व्यवस्था
प्रस्ताव मंजूर होने पर मतदान केंद्रों के बाहर विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी। मतदाताओं को वोट डालने से पहले अपना फोन बाहर ही जमा करवाना होगा। चुनाव आयोग इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों और विशेष कर्मचारियों की तैनाती करेगा। इस प्रक्रिया में विशेष ध्यान रखा जाएगा कि आम जनता को कोई परेशानी न हो। आयोग का मुख्य लक्ष्य चुनाव को पारदर्शी और सभी मतदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाना है।
स्वतंत्र मतदान के लिए विशेषज्ञों की राय
चुनाव विशेषज्ञों ने मतदान केंद्र में मोबाइल फोन बैन के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि फोन पर पाबंदी से वोट दिखाने की गलत प्रथा खत्म होगी। मतदाता बिना बाहरी दबाव के अपने मताधिकार का पूरी तरह स्वतंत्र इस्तेमाल कर पाएंगे। अगर यह नया नियम आगामी चुनाव में लागू होता है, तो बड़ा बदलाव आएगा। यह राज्य की चुनाव प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक और बहुत सकारात्मक कदम साबित होगा।
निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर आयोग की प्रतिबद्धता
राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेश में पूरी तरह निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। निकाय चुनावों में धनबल का प्रयोग रोकने के लिए हर संभव प्रयास जारी है। सचिव सुरजीत राठौर ने स्पष्ट किया है कि आयोग कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगा। जल्द ही इस महत्वपूर्ण मोबाइल प्रतिबंध नियम पर अंतिम और कड़ा फैसला लिया जाएगा। चुनाव आयोग का यह अहम कदम राज्य में लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करेगा।


