योगी का बड़ा दांव! 2047 तक दुनिया की ‘आध्यात्मिक राजधानी’ बनेगा उत्तर प्रदेश, जानें 6 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का मेगा प्लान

Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश@2047’ के संकल्प के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को 6 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का केंद्र बिंदु पर्यटन विभाग को बनाया गया है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को अगले दो दशकों में दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। विभाग ने देश के पर्यटन आधारित सकल मूल्य वर्धन (GVA) में यूपी की हिस्सेदारी को वर्तमान के 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर साल 2047 तक 16 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।

पर्यटकों के ठहरने और सुविधाओं में होगा क्रांतिकारी बदलाव

योगी सरकार राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होटलों, रेस्टोरेंट्स और होमस्टे के जाल को और विस्तार देगी। वर्तमान में प्रदेश में प्रति लाख आबादी पर केवल 30 कमरे उपलब्ध हैं, जिसे साल 2047 तक बढ़ाकर 150 करने का लक्ष्य है। सरकार की रणनीति केवल पर्यटकों को बुलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें राज्य में ज्यादा समय तक रोकने की भी है। इसके लिए विदेशी पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि को वर्तमान की 3 रातों से बढ़ाकर 6 रातों तक ले जाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।

100 करोड़ पर्यटकों का स्वागत करेगा उत्तर प्रदेश

पर्यटकों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश पहले ही रिकॉर्ड बना रहा है। साल 2025 के महाकुंभ के 66 करोड़ श्रद्धालुओं के अलावा अन्य पर्यटन स्थलों पर भी करीब 65 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक सालाना पर्यटकों की संख्या 75 करोड़ और आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 100 करोड़ पहुँचाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि एक पर्यटक के आने से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से छह लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

यूनेस्को विरासतों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर

उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने की तैयारी है। वर्तमान में प्रदेश में यूनेस्को से मान्यता प्राप्त 7 भौतिक एवं अमूर्त सांस्कृतिक विरासतें मौजूद हैं। सरकार ने संकल्प लिया है कि चरणबद्ध तरीके से इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। लक्ष्य के अनुसार, साल 2030 तक इन विरासतों की संख्या 8, साल 2036 तक 14 और साल 2047 तक बढ़ाकर 20 की जाएगी। इससे विदेशी पर्यटकों के बीच यूपी का आकर्षण और अधिक बढ़ेगा।

सनातन संस्कृति बनेगी यूपी की नई पहचान

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अब काशी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक केंद्रों का कायाकल्प उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का सिरमौर बना चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विजन न केवल प्रदेश की प्राचीन सभ्यता को दुनिया के सामने गौरवशाली ढंग से पेश करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक समृद्धि के नए द्वार भी खोलेगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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