West Bengal News: सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारी हलचल है। इंटरनेट पर एक रिपोर्ट बहुत तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट बता रहे हैं। इस वायरल रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में बड़ी सनसनी फैला दी है। लेकिन अब सरकार की संस्था पीआईबी फैक्ट चेक ने बड़ा पर्दाफाश किया है। पीआईबी ने इसे सौ फीसदी फर्जी करार दिया है। आईबी ने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है।
पीआईबी ने एक्स हैंडल पर लोगों को किया आगाह
पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस दावे की सच्चाई बताई है। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव का प्रारंभिक आकलन नाम की यह रिपोर्ट एकदम नकली है। पीआईबी ने आम जनता से एक विशेष अपील भी की है। उन्होंने कहा कि लोग चुनाव से जुड़ी ऐसी भ्रामक खबरों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। नागरिकों को केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से ही सही जानकारी लेनी चाहिए। अफवाह फैलाने वाली ऐसी सामग्री को तुरंत रिपोर्ट करें।
फर्जी रिपोर्ट में टीएमसी और भाजपा की सीटों का दावा
इंटरनेट पर वायरल हो रही इस फर्जी रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए गए हैं। जालसाजों ने इसमें पश्चिम बंगाल चुनाव का मनगढ़ंत विश्लेषण साझा किया है। इसमें दावा किया गया कि राज्य में किसी भी पार्टी के पक्ष में माहौल नहीं है। नकली रिपोर्ट में टीएमसी को लगभग दो सौ सीटें मिलने का झूठा अनुमान लगाया गया है। वहीं भाजपा को साठ और अन्य दलों को करीब बीस सीटें मिलने का दावा हुआ है।
संगठनात्मक कमियों और कमजोर वोटिंग का झूठा नैरेटिव
इस फर्जी आकलन में राज्य के चुनावी रुझानों को अलग-अलग क्षेत्रों तक सीमित बताया गया है। रिपोर्ट में झूठ फैलाया गया कि पूरे बंगाल में किसी दल को एकजुट समर्थन नहीं मिल रहा है। प्रतिस्पर्धी सीटों पर वोट को सीट में बदलने की राजनीतिक क्षमता बहुत कमजोर बताई गई है। इसके अलावा राजनीतिक पार्टियों के संगठनात्मक स्तर पर भी कई कमियां होने की झूठी बात लिखी गई है। पीआईबी ने ऐसी रिपोर्ट के वजूद से साफ इनकार किया है।


