Chandigarh News: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल युग से जोड़ते हुए एक क्रांतिकारी पहल की है। मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय में वेरका (Verka) की अत्याधुनिक वेंडिंग मशीन का उद्घाटन किया। इस योजना के तहत अब राज्य के प्रमुख सरकारी कार्यालयों, हवाई अड्डों और कॉलेजों में लोगों को ताजे डेयरी उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे। यह कदम मिल्कफेड के ब्रांड विस्तार और उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
वेंडिंग मशीनों से मिलेगी दूध, लस्सी और ताजी आइसक्रीम
मुख्य सचिव ने बताया कि इन ऑटोमैटिक मशीनों के जरिए दूध, लस्सी, फ्लेवर्ड मिल्क, जूस और मिनरल वाटर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। मिल्कफेड का लक्ष्य वेरका के साथ-साथ ‘सोहणा’ और ‘फाइव रिवर्स’ ब्रांड के उत्पादों की पहुंच को हर खास-ओ-आम तक पहुंचाना है। ये वेंडिंग मशीनें न केवल उपभोक्ताओं का समय बचाएंगी बल्कि उन्हें स्वच्छ और ताजा उत्पाद भी सुनिश्चित करेंगी। सरकार भविष्य में विशेष रूप से आइसक्रीम वेंडिंग मशीनों का जाल बिछाने की भी तैयारी कर रही है।
मैस्कॉट ‘वीरा’ के बाद अब ‘गुड्डी’ की एंट्री, लैंगिक समानता का संदेश
इस समारोह का मुख्य आकर्षण वेरका के नए मैस्कॉट “गुड्डी” का अनावरण रहा। “गुड्डी” को वेरका के पुराने और लोकप्रिय मैस्कॉट “वीरा” के साथी के तौर पर पेश किया गया है। विभाग के अनुसार, यह नई पहल डेयरी क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और पंजाब के मजबूत पारिवारिक मूल्यों को प्रदर्शित करने की एक कोशिश है। “गुड्डी” उपभोक्ताओं को वेंडिंग मशीनों के उपयोग और वेरका की नई योजनाओं के बारे में जागरूक करने का काम करेगी।
डेयरी किसानों की आर्थिक प्रगति और मिल्कफेड का डिजिटल बदलाव
मिल्कफेड पंजाब भारत की अग्रणी सहकारी डेयरी संस्थाओं में शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य डेयरी किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सामान देना है। सहकारिता सचिव अजीत बालाजी जोशी ने मिल्कफेड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रिटेल प्रणालियों में डिजिटल बदलाव लाने की सराहना की। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की आधुनिक प्रणालियों से सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा मिलेगी और किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 7,250 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य
मिल्कफेड पंजाब के प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता ने विभाग की वित्तीय सेहत पर उत्साहजनक आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मिल्कफेड की आय लगभग 7,250 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह पिछले साल के मुकाबले 13 प्रतिशत की शानदार वृद्धि को दर्शाता है। इस अवसर पर रजिस्ट्रार गिरीश दयालन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि राज्य में सहकारिता को मजबूत करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करती रहेगी।

