New Delhi News: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। राजस्थान पुलिस के विशेष संचालन समूह (SOG) की जांच में पेपर लीक के पुख्ता संकेत मिलने के बाद यह कठोर फैसला लिया गया। इस निर्णय से देश भर के लाखों चिकित्सा उम्मीदवारों को गहरा झटका लगा है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी विस्तृत जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है, ताकि इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जा सके।
राजस्थान SOG की जांच में ‘गेस पेपर’ का सनसनीखेज खुलासा
राजस्थान SOG की तफ्तीश में एक 150 पन्नों का संदिग्ध ‘गेस पेपर’ बरामद हुआ है। इस दस्तावेज में लगभग 410 प्रश्न शामिल थे, जो परीक्षा से कई दिन पहले ही उम्मीदवारों के बीच फैल चुके थे। चौंकाने वाली बात यह है कि केमिस्ट्री सेक्शन के करीब 120 प्रश्न मुख्य परीक्षा के पेपर से पूरी तरह मेल खाते थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह सामग्री परीक्षा से करीब 15 से 30 दिन पहले ही बाजार में प्रसारित हो रही थी, जिससे पूरी परीक्षा की शुचिता पर सवालिया निशान लग गया।
CBI जांच से खुलेगा संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा
भारत सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पूरी कमान सीबीआई को सौंप दी है। एजेंसी अब इस बात की तहकीकात करेगी कि यह सामग्री कहां से तैयार हुई और इसे वितरित करने में कौन से कोचिंग नेटवर्क या मध्यस्थ शामिल थे। सीबीआई सभी डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड्स और संदिग्ध बैंक लेन-देन की गहनता से समीक्षा करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।
उम्मीदवारों को दोबारा रजिस्ट्रेशन और फीस से मिली बड़ी राहत
एनटीए ने उन लाखों छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर भी साझा की है जो पुनः परीक्षा में शामिल होंगे। एजेंसी ने साफ किया है कि 3 मई की परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों को फिर से आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं होगी। छात्रों से किसी भी तरह का अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। पुनः परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पुराने उम्मीदवार रिकॉर्ड के आधार पर ही संपन्न होगी, जिससे छात्रों को प्रशासनिक जटिलताओं और आर्थिक बोझ से नहीं जूझना पड़ेगा।
नई परीक्षा तिथियों का इंतजार और छात्रों पर मानसिक दबाव
परीक्षा रद्द होने से करोड़ों परिवारों में अनिश्चितता का माहौल है। महीनों और सालों से तैयारी कर रहे छात्र अब अतिरिक्त मानसिक तनाव और भावनात्मक दबाव का सामना कर रहे हैं। हालांकि एनटीए ने नई परीक्षा तिथियों की घोषणा अभी नहीं की है, लेकिन जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट जारी करने का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस देरी से शैक्षणिक सत्र पर भी असर पड़ सकता है, जिससे मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया काफी प्रभावित होगी।
परीक्षा सुरक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की उठ रही मांग
नीट-यूजी विवाद ने एक बार फिर भारत की विशाल प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। शिक्षाविद और तकनीकी विशेषज्ञ अब अधिक मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए डिजिटल प्रश्न पत्र ट्रैकिंग और उन्नत एन्क्रिप्शन सिस्टम जैसे सुझाव दिए जा रहे हैं। एनटीए ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि वह सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर और पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा ढांचे में व्यापक बदलाव लाने के लिए तैयार है।


