लोकसभा में महिला आरक्षण पर हंगामा: सपा ने मांगा OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटा, अमित शाह ने दिया करारा जवाब- ‘धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक’

Parliament News: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में गुरुवार को महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए। इस दौरान लोकसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जनगणना शुरू हो चुकी है और सरकार ने जाति आधारित गणना का फैसला लिया है।

सपा सांसद ने किया विधेयकों का कड़ा विरोध, पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए मांगा कोटा

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक और परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि महिला आरक्षण में पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाए। सपा ने उन विधेयकों का भी विरोध किया जिनमें महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग करने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि वे महिला आरक्षण के समर्थक हैं, लेकिन सरकार बताए कि जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही।

अमित शाह का पलटवार- जनगणना शुरू, सरकार ने जातिगत गणना का लिया फैसला

गृह मंत्री अमित शाह ने अखिलेश यादव के सवाल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि सरकार ने इस बार जातिगत जनगणना कराने का निर्णय लिया है।’ इस दौरान लोकसभा में तीखी बहस देखने को मिली। शाह ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी के बस में होता, तो वे हर घर को जातियों में बांट देते।

मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण पर शाह का करारा जवाब- धर्म के आधार पर कोटा असंवैधानिक

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की मांग पर अमित शाह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘धर्म के आधार पर आरक्षण देना पूरी तरह से असंवैधानिक है। हमारा संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है।’ गृह मंत्री ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा, ‘समाजवादी पार्टी अपनी सभी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दें, इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है।’ इस बयान पर सदन में हंसी के साथ नारेबाजी भी हुई।

संसद में पेश हुए तीन विधेयक, आगे की कार्यवाही जारी

गुरुवार को संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए। इनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन विधेयकों से लोकसभा की सीटें बढ़कर 850 हो जाएंगी और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। विपक्षी दलों ने परिसीमन को लेकर चिंता जताई है, खासकर दक्षिणी राज्यों ने। अब इन विधेयकों पर चर्चा और वोटिंग आने वाले दिनों में होगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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