Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जहां सुक्खू ने प्रचार किया, वहां कांग्रेस प्रत्याशी को महज 650 वोट मिले और उसकी जमानत जब्त हो गई। जयराम के अनुसार, अब यह पूरी तरह साबित हो चुका है कि सीएम सुक्खू का चुनावी प्रचार कांग्रेस के लिए हार की गारंटी बन गया है।
सीएम सुक्खू के दावों को जनता ने नकारा
मंडी में भाजपा के चुनाव कार्यालयों का उद्घाटन करने के बाद जयराम ठाकुर मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता अब सीएम सुक्खू की बयानबाजी की असलियत जान चुकी है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल झूठ का सहारा लेते हैं, इसलिए अब उनकी बातों पर कोई भरोसा नहीं करता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असम और पश्चिम बंगाल के नतीजों ने कांग्रेस की खोखली चुनावी रणनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ना गलत
ईवीएम विवाद पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के दोहरे रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस ईवीएम के जरिए हिमाचल में कांग्रेस सत्ता में आई, उसी पर बाहरी राज्यों में हार का दोष मढ़ना हास्यास्पद है। जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कमियों को देखने के बजाय मशीनों को जिम्मेदार ठहराने की पुरानी आदत छोड़ देनी चाहिए।
मंडी में भाजपा कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह
चुनाव कार्यालयों के उद्घाटन के दौरान मंडी में भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था। जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी चुनावों के लिए पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विकास विरोधी नीतियों का जवाब आगामी चुनावों में जरूर देगी। ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की विफलताओं के कारण लोग अब भाजपा की सुशासन वाली राजनीति की ओर उम्मीद से देख रहे हैं।
जनता के बीच कांग्रेस की विश्वसनीयता खत्म
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनावी मैदान में कांग्रेस की लगातार हो रही हार उनकी गिरती विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जहां भी मुख्यमंत्री प्रचार के लिए गए, वहां पार्टी को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा। जयराम ठाकुर के अनुसार, लोग अब बहकावे में आने के बजाय ठोस कार्यक्षमता को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे हार के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करें।


