Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में जल्द ही बड़े स्तर पर शिक्षकों के तबादले होने जा रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध 151 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नई नियुक्तियों के कारण यह फेरबदल अनिवार्य हो गया है। विभाग ने मंगलवार से इन स्कूलों के लिए सब-कैडर काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत पहले चरण में करीब छह हजार शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग 10 हजार शिक्षकों के इधर-उधर होने की संभावना है।
चुनाव आयोग की अनुमति के बाद जारी होंगे आदेश
शिक्षा विभाग वर्तमान में शिक्षकों को स्टेशन आवंटित करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, तबादलों की अंतिम सूची जारी करने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग से औपचारिक अनुमति ली जाएगी। इस फेरबदल में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, टीजीटी और जेबीटी सहित लगभग सभी श्रेणियों के शिक्षक शामिल होंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य सीबीएसई स्कूलों में अनुभवी स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करना है। इसके बाद ही प्रदेश के अन्य स्कूलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटने का इंतजार
आमतौर पर शिक्षा विभाग में एक अप्रैल से तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटा दिया जाता है। इस वर्ष विभाग ने रणनीतिक कारणों से इसे जारी रखा था। अधिकारियों का तर्क है कि सीबीएसई संबद्धता वाले स्कूलों में नई नियुक्तियों के बाद ही सामान्य स्थानांतरण किए जाएंगे। विभाग के पास बड़ी संख्या में तबादलों के लिए सिफारिशी पत्र (DO Notes) भी पहुंचे हैं। पहले स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने वाले शिक्षकों को तरजीह दी जाएगी और शेष को जरूरत वाले स्कूलों में भेजा जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में जमे शिक्षकों की होगी रवानगी
नई व्यवस्था के तहत शिमला जैसे शहरों और आसपास के स्कूलों में लंबे समय से तैनात शिक्षकों का हटना तय माना जा रहा है। विशेष रूप से वे शिक्षक जिन्होंने सीबीएसई स्कूलों के लिए अनिवार्य स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं दिया है, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। शिमला शहर के कई प्रमुख स्कूलों को सीबीएसई मान्यता मिल चुकी है। ऐसे में वहां केवल योग्य सब-कैडर शिक्षकों को ही रखा जाएगा। इससे प्रदेश भर में शिक्षकों की उपलब्धता का संतुलन बेहतर होने की उम्मीद है।
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर विभाग का फोकस
शिक्षा विभाग का मानना है कि सीबीएसई पैटर्न अपनाने और शिक्षकों के तार्किक स्थानांतरण से शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या जरूरत से अधिक है, वहां से स्टाफ को कम संख्या वाले स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। विभाग रिक्त पदों का नया ब्यौरा तैयार कर रहा है ताकि कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे। नई नियुक्तियों और तबादलों की यह पूरी कवायद अगले शैक्षणिक सत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए की जा रही है।


