UP News: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर सफर अब जानलेवा खतरे में बदल रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ती हैं। इसी बीच रांग साइड से आते भारी वाहन बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं। बागपत, शामली और सहारनपुर में लोग गलत दिशा से प्रवेश कर रहे हैं। सामने से अचानक ट्रक आने पर चालकों को मजबूरी में ब्रेक लगाने पड़ते हैं। हाईवे पर भीषण सड़क दुर्घटनाओं का डर काफी बढ़ गया है।
इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए डरावने वीडियो
इंटरनेट मीडिया पर हाल ही में कई डरावने वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो ने हाईवे की खतरनाक स्थिति को उजागर कर दिया है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि भारी वाहन विपरीत दिशा से आ रहे हैं। तेज रफ्तार कारों के सामने अचानक बड़े ट्रक आ जाते हैं। हादसे से बचने के लिए चालकों को तुरंत ब्रेक लगाने पड़ते हैं। अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। लेकिन यह जानलेवा लापरवाही बहुत जल्द किसी भयंकर त्रासदी का रूप ले सकती है।
टोल प्लाजा चालू न होना बनी बड़ी कमजोरी
एक्सप्रेसवे के आसपास बने ग्रामीण संपर्क मार्ग सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। स्थानीय चालक समय बचाने के लिए इन रास्तों का उपयोग करते हैं। वे सीधे गलत दिशा से मुख्य मार्ग पर वाहन चढ़ा देते हैं। अभी टोल प्लाजा का संचालन शुरू नहीं हुआ है। इस कारण प्रवेश बिंदुओं पर प्रशासन की कोई निगरानी नहीं है। जिन स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग नहीं है, वहां से ट्रैक्टर और टैंकर बिना किसी रोकटोक के हाईवे पर आसानी से पहुंच रहे हैं।
तेज रफ्तार में रांग साइड चलना जानलेवा
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में चलना सामान्य सड़कों से ज्यादा घातक है। एसडीसी फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने इस गंभीर मुद्दे पर राय रखी है। उन्होंने बताया कि सौ की स्पीड में आमने-सामने की टक्कर बेहद भयानक होती है। अगर हादसे में भारी वाहन शामिल हो, तो नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे रास्तों पर कोई चालक सामने से वाहन आने की उम्मीद नहीं करता।
नागरिकों ने उठाई पुलिस कार्रवाई की मांग
यात्रियों और निवासियों ने इंटरनेट मीडिया के जरिए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि अगर अभी सख्ती नहीं की गई, तो यह लापरवाही आदत बन जाएगी। वीकेंड पर दिल्ली से देहरादून जाने वाले वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। भारी ट्रैफिक के साथ दुर्घटना का खतरा और अधिक गंभीर हो जाता है। लोगों ने संवेदनशील कटों पर पुलिस की स्थायी तैनाती करने और भारी जुर्माना लगाने की जोरदार अपील की है।
हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम
प्रशासन को इस नई सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे। हर संवेदनशील कट पर लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग लगाना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम की चौबीसों घंटे तैनाती होनी चाहिए। पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर लगातार निगरानी करनी होगी। गलत दिशा में चलने वाले वाहन चालकों का भारी चालान कटना चाहिए। नियम तोड़ने वालों पर वाहन जब्ती जैसी सख्त दंडात्मक कार्रवाई करना भी बहुत आवश्यक हो गया है।
