“वर्दी का रौब दिखाया या घूस मांगी तो डूब मरो”, बिहार के डीजीपी का फूटा गुस्सा, कांप उठी पुलिस!

Patna News: बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने अपने पुलिसकर्मियों को बेहद कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों को सीधा अल्टीमेटम दिया है। डीजीपी ने साफ कहा कि वर्दी और पिस्टल मिलने का मतलब घमंड दिखाना बिल्कुल नहीं है। यदि कोई पुलिसकर्मी पीड़ित महिलाओं से पैसे या गाड़ी की मांग करता है, तो उसे शर्म से डूब मरना चाहिए। इस सख्त बयान ने पूरे पुलिस महकमे में भारी हड़कंप मचा दिया है।

पटना के सरदार पटेल भवन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह कार्यक्रम घरेलू हिंसा और जेंडर आधारित अपराधों पर केंद्रित था। इसी मंच से डीजीपी ने महिला थानों की कार्यशैली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को पीड़ितों के साथ बेहद संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए। थानों में शिकायत लेकर आने वाली महिलाओं से हमेशा नरम लहजे में बातचीत करनी चाहिए। पुलिस का मुख्य काम जनता को सुरक्षा देना है।

पुलिस महानिदेशक ने अपने संबोधन के दौरान मोतिहारी जिले की एक शर्मनाक घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया। वहां एक महिला थाना में पीड़िता से खुलेआम पैसे और चार पहिया वाहन की मांग की गई थी। इस घूसखोरी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को सजा भी दी गई है। डीजीपी ने कहा कि महिला थाने केवल केस दर्ज करने के लिए नहीं बने हैं। उनका असली काम पीड़िताओं के मन में कानून का भरोसा जगाना है।

युवाओं का खतरनाक गैंग कल्चर और बढ़ते अपराध

विनय कुमार ने समाज में तेजी से बढ़ रहे अपराधों पर भी गहरी चिंता प्रकट की है। उन्होंने मोतिहारी में हुए एक छात्र हत्याकांड का भी प्रमुखता से जिक्र किया। डीजीपी ने बताया कि आजकल दस पंद्रह लड़कों के छोटे गैंग बन रहे हैं। ये युवा सोशल मीडिया पर अपना झूठा भौकाल बनाते हैं। महिला मित्र के विवाद में एक मासूम छात्र की जान ले ली गई। माता पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

राज्य में बढ़ रही सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं ने पुलिस विभाग की नींद उड़ा दी है। पहले ऐसी कोई एक घटना पूरे जिले को हिला देती थी। लेकिन अब हर तीसरे दिन ऐसे जघन्य अपराध सामने आ रहे हैं। विनय कुमार ने एक और हैरान करने वाला आंकड़ा सामने रखा है। उन्होंने बताया कि यौन उत्पीड़न के केवल दो प्रतिशत मामले ही थानों तक पहुंच पाते हैं। बाकी मामलों को पुलिस या समाज के स्तर पर दबा दिया जाता है।

जहानाबाद और सीतामढ़ी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

कार्यक्रम में जहानाबाद और सीतामढ़ी की पुलिस कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। जहानाबाद में एक शादी के लिए पचास लाख रुपये का भारी दहेज दिया गया था। बाद में पता चला कि दूल्हा पहले से शादीशुदा था। इसी तरह सीतामढ़ी में एक पुलिस दरोगा पर ही दूसरी शादी रचाने का आरोप लगा है। डीजीपी ने सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक के नरम रवैये पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे मामलों में तुरंत कठोर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।

अधिकारियों को केवल अपनी सरकारी नौकरी बचाने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि बिना जांच किए वेतन लेने की सोच पूरी तरह से गलत है। पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का सही अहसास होना चाहिए। महिला थाना प्रभारियों को अपने इलाके में जाकर जनता से सीधा संवाद स्थापित करना होगा। पुलिस को जमीनी स्तर पर महिलाओं की समस्याओं को गहराई से समझना चाहिए। तभी पुलिस और जनता के बीच एक बेहतर और मजबूत रिश्ता बन पाएगा।

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