Shimla News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक ताजा सलाह ने देश भर के सराफा कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। पीएम ने लोगों को एक साल तक सोने के आभूषण न खरीदने का सुझाव दिया है। इस बयान पर हिमाचल प्रदेश ज्वैलर्स एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ईमेल भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। कारोबारियों का कहना है कि ऐसे बयानों से ज्वेलरी उद्योग पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश ज्वैलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल टांगरी ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे जिम्मेदार पद से आई ऐसी टिप्पणी बाजार में डर पैदा करती है। इससे न केवल आभूषण व्यापार बल्कि इस पर निर्भर हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है। एसोसिएशन ने पीएम मोदी से अपने इस बयान पर तुरंत स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। भविष्य में भी ऐसे बयानों से बचने का आग्रह किया गया है।
सोना विलासिता नहीं बल्कि आर्थिक सुरक्षा का आधार
ज्वैलर्स का तर्क है कि भारत में सोना केवल विलासिता की वस्तु नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मध्यम वर्ग के लिए सोना एक महत्वपूर्ण बचत और आर्थिक सुरक्षा का साधन है। शादियों और सामाजिक समारोहों में इसकी भूमिका अनिवार्य होती है। ऐसे में खरीद के विरुद्ध नकारात्मक टिप्पणी व्यापारिक माहौल को बुरी तरह प्रभावित करती है। इससे बाजार में अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है।
एसोसिएशन का मानना है कि आर्थिक चुनौतियों का समाधान वित्तीय नीतियों से होना चाहिए। किसी उद्योग को हतोत्साहित करना रोजगार के अवसरों को खत्म करने जैसा है। पारंपरिक आभूषण उद्योग लाखों लोगों को सीधे रोजगार प्रदान करता है। ज्वेलर्स ने मांग की है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर रचनात्मक रुख अपनाना चाहिए। वे अब केंद्र सरकार के स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। इस घटनाक्रम से हिमाचल सहित पूरे देश के ज्वेलर्स में भारी रोष देखा जा रहा है।

