Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एचआरटीसी बस कंडक्टर के साथ मारपीट ने बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जोगिंद्रनगर के पास युवकों ने कंडक्टर को बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने जिम संचालक सहित सात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। विवाद में स्थानीय विधायक प्रकाश राणा का नाम भी सामने आ रहा है। परिवहन निगम के कर्मचारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।
पास देने को लेकर शुरू हुआ विवाद
शनिवार को थुरल से जोगिंद्रनगर की तरफ एचआरटीसी की एक बस जा रही थी। एहजू के पास बस को एक अन्य वाहन को रास्ता देना था। इसके लिए बस चालक को अपनी गाड़ी पीछे करनी पड़ी। इस दौरान बस कंडक्टर लक्की ने पीछे खड़े स्कूटी सवार युवकों को वाहन हटाने को कहा। आरोपियों का दावा है कि कंडक्टर ने उनसे अभद्रता की। इसी बात पर स्कूटी सवार युवक पूरी तरह से भड़क गए। उन्होंने अपने अन्य साथियों को बुलाकर कंडक्टर के साथ मारपीट की।
वायरल वीडियो और आरोपी मनोज का पक्ष
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी अब सामने आ चुका है। वीडियो में मौजूद कुछ बच्चे कह रहे हैं कि कंडक्टर ने बदतमीजी नहीं की थी। वहीं, आरोपी मनोज वीडियो में कंडक्टर को गाड़ी में डालने की बात कहता दिख रहा है। मनोज ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए पूरी सफाई दी है। उसने कहा कि लोग वायरल वीडियो देखकर गलत टिप्पणी कर रहे हैं। मनोज का दावा है कि कंडक्टर ने उनके पास आकर गाली-गलौज की।
कंडक्टर का आरोप, पुलिस ने बनाया दबाव
घायल कंडक्टर लक्की ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उसका आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। पुलिस और निगम के एक अधिकारी ने उस पर समझौता करने का दबाव डाला। लक्की के अनुसार, मौके पर आए एक पुलिसकर्मी ने नौकरी का हवाला देकर डराया। कंडक्टर ने स्पष्ट किया कि मारपीट के दौरान ही किसी ने विधायक का नाम लिया था। उनका मकसद किसी भी जनप्रतिनिधि की छवि को बिल्कुल खराब करना नहीं है।
विधायक प्रकाश राणा ने दी मानहानि की चेतावनी
जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने इस पूरे मामले में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि मुख्य आरोपी उनके ड्राइवर का बेटा नहीं है। राणा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया है। विधायक ने एचआरटीसी यूनियन के बयानों को एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने बिना सबूत नाम उछालने वालों पर मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस जांच की निष्पक्षता पर भी अपने कड़े सवाल उठाए हैं।
यूनियन ने दिया 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम
एचआरटीसी कर्मचारी महासंघ ने इस हिंसक घटना पर अपना कड़ा रोष व्यक्त किया है। महासंघ के मीडिया प्रभारी ललित ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की सख्त मांग रखी है। शिमला के पुराने बस स्टैंड पर यूनियन के सदस्यों ने अपना जोरदार प्रदर्शन किया। चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि सख्त कार्रवाई नहीं होने पर वे हड़ताल करेंगे।
सुक्खू सरकार पर साधा निशाना और एसएचओ की सफाई
विधायक प्रकाश राणा ने मामले को लेकर सुक्खू सरकार पर करारा निशाना साधा है। उनका आरोप है कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और केस दर्ज नहीं हो रहे। वहीं, जोगिंद्रनगर थाने की एसएचओ सकीनी कपूर ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक सप्ताह से मेडिकल लीव पर चल रही हैं। पुलिस पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से इस मामले की जांच कर रही है।
कर्मचारियों की सुरक्षा और भविष्य की रणनीति
एचआरटीसी बसों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा अब एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। परिवहन निगम के चालक और परिचालक लंबे समय से सुरक्षित कार्यस्थल की मांग उठा रहे हैं। जोगिंद्रनगर की इस ताजा घटना ने उनके मन में डर को और ज्यादा बढ़ा दिया है। यूनियन के नेताओं का कहना है कि वे जोखिम उठाकर आम जनता को सेवाएं देते हैं। ऐसे में असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन को सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
