Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक रिटायर्ड सीआईएसएफ (CISF) कर्मी की दरिंदगी ने सबको झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली मेट्रो में कार्यरत आरोपी रामानंद यादव एक सप्ताह की छुट्टी पर अपने गांव आया था। आरोप है कि इसी दौरान उसने प्रेम प्रसंग के विवाद में एक 17 वर्षीय किशोर की पेंचकस से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
प्रेम प्रसंग की थ्योरी और खूनी साजिश का खुलासा
मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा 26 अप्रैल की रात को हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विपुल यादव का गांव की ही एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। घटना वाली रात विपुल अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। युवती के चचेरे भाई ने दोनों को देख लिया और शोर मचाने के बजाय विपुल को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद शुरू हुआ प्रताड़ना और मौत का तांडव।
कमरे में बंद कर बेरहमी से पिटाई और चाचा को बुलावा
युवती के चचेरे भाई ने विपुल को बंधक बनाने के बाद अपने चाचा रामानंद यादव को फोन करके मौके पर बुलाया। रामानंद यादव दिल्ली मेट्रो में सुरक्षाकर्मी के तौर पर तैनात है और उन दिनों घर आया हुआ था। मौके पर पहुंचते ही उसने अपने पटीदारों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर किशोर के साथ दोबारा मारपीट शुरू कर दी। गुस्से में पागल आरोपी ने आव देखा न ताव और हाथ में पकड़े पेंचकस से विपुल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
रामानंद यादव ने पेंचकस से विपुल के शरीर पर इतने प्रहार किए कि वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अत्यधिक खून बहने के कारण विपुल की स्थिति नाजुक हो गई। जब उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपियों की धरपकड़ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में ही हत्या की कड़ियाँ जुड़ने लगीं और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
अपर पुलिस अधीक्षक का बयान और पुलिस की कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड में अब तक सात लोगों की पहचान की गई है। मुख्य आरोपी रामानंद यादव ने मीडिया के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने रामानंद और उसके भतीजे को जेल भेज दिया है। फरार पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
कानून के रक्षक ही बने भक्षक, इलाके में दहशत
एक रिटायर्ड अर्धसैनिक बल के जवान द्वारा इस तरह की निर्मम हत्या किए जाने से इलाके में लोग डरे हुए हैं। जिस व्यक्ति पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसने मामूली विवाद में कानून हाथ में लेकर एक किशोर की जान ले ली। इस घटना ने समाज में बढ़ते आक्रोश और कानून के प्रति घटते सम्मान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अब फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।


