Uttar Pradesh News: बिजनौर जिले के मंडावली थाने से पुलिसिया बर्बरता की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। भागूवाला चौकी पर तैनात दरोगा संजय कुमार यादव का एक युवक को बेरहमी से पीटते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महज 12 सेकंड के इस वीडियो में दरोगा की हैवानियत साफ नजर आ रही है। वह एक बेबस युवक पर थप्पड़ों और घूसों की बरसात कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चोरी के शक में खुद ‘जज’ बन गए दरोगा
यह पूरा मामला एक गांव में हुई मामूली चोरी की जांच से जुड़ा है। आरोप था कि युवक ने स्थानीय दुकान से कुछ सामान उठाया है। जांच करने पहुंचे दरोगा संजय कुमार यादव ने कानून को ठेंगे पर रख दिया। उन्होंने ग्रामीणों की मौजूदगी में ही युवक की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। युवक चुपचाप पिटता रहा, लेकिन दरोगा का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वीडियो में दरोगा युवक को आगे और भयानक अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, लोगों ने बिजनौर पुलिस और प्रशासन को निशाने पर ले लिया। नेटिजन्स का कहना है कि पुलिस को किसी भी नागरिक के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। अगर युवक अपराधी था, तो उसे गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। सरेआम मारपीट करना न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह वर्दी की मर्यादा को भी तार-तार करता है। वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है।
जांच के घेरे में आरोपी दरोगा, विभागीय कार्रवाई शुरू
मामले के तूल पकड़ने के बाद बिजनौर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर संज्ञान लिया है। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी (CO) नगीना को सौंप दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी दरोगा के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस विभाग इस घटना के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटा है, लेकिन ग्रामीणों में अब भी पुलिस के व्यवहार को लेकर भारी रोष है।
खाकी की छवि पर लगा गहरा दाग
बिजनौर की यह घटना कोई पहली बार नहीं है जब किसी पुलिसकर्मी ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया हो। इस तरह की घटनाएं आम जनता के मन में पुलिस के प्रति अविश्वास पैदा करती हैं। उच्च अधिकारियों ने बार-बार पुलिसकर्मियों को जनता से शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद मैदानी स्तर पर ऐसी बर्बरता देखने को मिल रही है। अब सबकी नजरें क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या खाकी की मर्यादा बचाने के लिए कोई ठोस उदाहरण पेश किया जाएगा।


