Delhi News: उत्तर-मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू का सितम शुरू हो चुका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पारा तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। चिलचिलाती धूप के बीच अभिभावकों और छात्रों की नजरें अब गर्मी की छुट्टियों पर टिकी हैं। प्रशासन बच्चों को हीटवेव से बचाने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रहा है। दिल्ली के स्कूलों में इस बार भी लंबी छुट्टियों की तैयारी की जा रही है।
मई के दूसरे सप्ताह से बंद हो सकते हैं स्कूल
दिल्ली के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 11 मई 2026 से गर्मी की छुट्टियां शुरू होने की प्रबल संभावना है। शिक्षा निदेशालय के पिछले साल के एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार, छुट्टियां इसी अवधि के दौरान शुरू हुई थीं। इस साल भी भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार मई के पहले या दूसरे सप्ताह में आधिकारिक आदेश जारी कर सकती है। चिलचिलाती धूप ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
50 दिनों तक ताले में रहेंगे दिल्ली के स्कूल
ट्रेंड के अनुसार दिल्ली के स्कूलों में हर साल करीब 50 दिनों का ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। इस साल भी उम्मीद है कि स्कूल जून के अंत तक बंद रहेंगे। पिछले साल की तरह 11 मई से 30 जून तक का अवकाश दिया जा सकता है। हालांकि, स्कूल खुलने से तीन दिन पहले शिक्षकों को तैयारी के लिए बुला लिया जाता है। 2 मई को होने वाली समीक्षा बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।
बच्चों के लिए वरदान बनी ‘वॉटर बेल’ की गूंज
दिल्ली के स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ की अनोखी शुरुआत की गई है। यह घंटी हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर बजती है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को पानी पीने की याद दिलाना है। जैसे ही यह घंटी बजती है, क्लासरूम में मौजूद सभी छात्र अपनी पानी की बोतलें निकालते हैं और प्यास बुझाते हैं। यह पहल बच्चों के शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) रोकने के लिए की गई है।
कई राज्यों में बदला गया स्कूलों का समय
देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का कहर जारी है। केरल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले ही गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। वहीं, कई अन्य राज्यों में स्कूलों का समय बदलकर सुबह जल्दी का कर दिया गया है। दिल्ली प्रशासन भी लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
