Delhi News: देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सीयूईटी (CUET) परीक्षा को लेकर दिल्ली-एनसीआर के हजारों छात्र और उनके अभिभावक भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दिल्ली के छात्रों को उनके चुने हुए केंद्रों के बजाय जयपुर, मोहाली और बरेली जैसे दूरदराज के शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए हैं। 11 मई से 31 मई के बीच होने वाली इस परीक्षा के लिए छात्रों ने दिल्ली और आसपास के शहरों का विकल्प चुना था।
परीक्षा केंद्रों के आवंटन पर अभिभावकों ने जताई गहरी चिंता
सीयूईटी परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को वरीयता के आधार पर चार केंद्रों का विकल्प मिलता है। दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश छात्रों ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद को अपनी पसंद बनाया था। हालांकि, एडमिट कार्ड जारी होने के बाद छात्रों के होश उड़ गए क्योंकि उन्हें दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर राजस्थान और पंजाब के शहरों में भेज दिया गया है। अभिभावकों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में अलग-अलग तारीखों पर दूसरे राज्यों की यात्रा करना आर्थिक और शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों ने तकनीकी खामी और एआई के उपयोग पर उठाए सवाल
शिक्षाविद केशव अग्रवाल ने इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर परीक्षा केंद्रों में विसंगतियां देखी जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि परीक्षा केंद्र आवंटित करने की प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। उनके अनुसार, 12वीं कक्षा के छात्र अभी इतने परिपक्व नहीं हैं कि वे अकेले दूसरे शहरों में जाकर कई दिनों तक रहकर परीक्षा दे सकें। इस प्रशासनिक चूक ने छात्रों को परीक्षा की तैयारी के बजाय यात्रा की चिंता में डाल दिया है।
बढ़ती छात्र संख्या को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की सफाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। एजेंसी ने स्वीकार किया कि दिल्ली-एनसीआर के केंद्रों को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। एनटीए के मुताबिक, इस साल दिल्ली से करीब 1.39 लाख छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। परीक्षार्थियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी और स्थानीय केंद्रों की सीमित क्षमता के कारण कुछ छात्रों को मजबूरी में दूसरे राज्यों के केंद्र आवंटित करने पड़े हैं।
लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य दांव पर, समाधान की तलाश जारी
इस वर्ष सीयूईटी परीक्षा के लिए देश भर से लगभग 15 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक तीन लाख आवेदन आए हैं। पिछले साल यह संख्या 13.54 लाख थी, जो अब बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। छात्रों की बढ़ती तादात ने परीक्षा प्रबंधन की बुनियादी सुविधाओं की पोल खोल दी है। फिलहाल एनटीए ने छात्रों को धैर्य रखने की सलाह दी है और भरोसा दिलाया है कि वे इन शिकायतों का तकनीकी समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।


