Delhi News: दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए मई की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। भीषण गर्मी और तपिश के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, रविवार को आसमान में बादलों की घनी मौजूदगी रहेगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना बना रहेगा। लू के थपेड़ों से फिलहाल एक हफ्ते तक मुक्ति मिलने की संभावना है।
तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने दिन के दूसरे हिस्से में दिल्ली और आसपास के शहरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। दोपहर के बाद हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। कुछ इलाकों में हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। विभाग ने धूल भरी आंधी और अचानक आने वाले तूफान को लेकर लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट और पश्चिमी विक्षोभ का असर
IMD ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए अगले दो दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत को प्रभावित कर रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बदलाव आया है। स्काईमेट वेदर के अनुसार, इस सिस्टम की वजह से चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। सोमवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है।
तापमान में गिरावट और लू से मिलेगी राहत
मई के महीने में जहां सामान्य तौर पर पारा 45 डिग्री के पार चला जाता है, वहीं इस बार राहत मिलने वाली है। रविवार को अधिकतम तापमान 38°C से 41°C के बीच रहने का अनुमान है, जो इस मौसम के लिए सामान्य है। मौसम विभाग का दावा है कि अगले एक सप्ताह तक दिल्ली में लू (Heatwave) चलने की कोई संभावना नहीं है। शनिवार को हुई हल्की बारिश ने पहले ही तापमान को नियंत्रित कर दिया है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को सुकून मिला है।
मई में मानसून की आहट और अधिक बारिश का अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मई महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की भविष्यवाणी की है। हालांकि, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में बारिश औसत से कम रहने के संकेत हैं। इसी बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति को लेकर भी अपडेट आया है। मानसून 14 से 16 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच सकता है। यह मानसून सीजन की औपचारिक शुरुआत का संकेत होगा, जो उत्तर भारत के लिए बड़ी राहत की बात है।


