Himachal News: हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार को ऊना जिला प्रदेश में सबसे गर्म दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों के लिए मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है।
चौबीस अप्रैल से बदलेगा मौसम का मिजाज
लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के बीच एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। यह नई मौसम प्रणाली चौबीस अप्रैल से प्रदेश में अपना असर दिखाएगी। इसके प्रभाव से लोगों को तेज धूप से काफी राहत मिलेगी। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक चौबीस अप्रैल को पहाड़ों पर मौसम बदलेगा। राज्य के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इन ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात भी हो सकता है। इससे तापमान में सुखद गिरावट आएगी।
पच्चीस अप्रैल के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने पच्चीस अप्रैल के लिए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। विभाग ने खास तौर पर हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों को सतर्क किया है। इन पांच जिलों में भारी अंधड़ आने और बिजली गिरने का बड़ा खतरा है।
इन तीन दिन तक सक्रिय रहेगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने एक नया विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। इसके अनुसार पच्चीस, सत्ताईस और अट्ठाईस अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ अधिक सक्रिय रहेगा। बुधवार को लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का काफी ज्यादा असर देखने को मिला। सुंदरनगर में 35.0, कांगड़ा में 35.2, मंडी में 34.4 और सोलन में 31.5 डिग्री तापमान रहा। राजधानी शिमला में 26.5 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया है।
