Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पांचवीं और आठवीं कक्षा के सभी छात्रों को बिना सही मूल्यांकन के पास कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है। इसके चलते निदेशालय ने तुरंत उच्च स्तरीय जांच के सख्त आदेश दे दिए हैं। शिक्षा विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रदेश के स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
उत्तर पुस्तिकाओं के साथ 39 प्रिंसिपल तलब
शिक्षा विभाग ने मंडी जिले के उनतालीस स्कूलों के प्रधानाचार्यों को तलब किया है। इन सभी प्रिंसिपलों को संबंधित शिक्षकों के साथ पेश होने का आदेश मिला है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल अपनी उत्तर पुस्तिकाएं साथ लेकर आएं। अधिकारियों का कहना है कि इन आंसर शीट की गहन जांच की जाएगी। इसी आधार पर तय होगा कि छात्रों को नियमों के तहत पास किया गया है या नहीं। यह कार्रवाई शिकायतें मिलने के बाद शुरू की गई है।
28 अप्रैल से शुरू होगी शिक्षकों की पूछताछ
निदेशालय ने इस पूरी जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए एक शेड्यूल तैयार किया है। यह पूछताछ अट्ठाईस अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। जांच प्रक्रिया के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- हर दिन केवल चार स्कूलों के प्रिंसिपल बुलाए जाएंगे।
- संबंधित विषय के शिक्षकों को भी उपस्थित होना होगा।
- छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन होगा।
- बिना उचित मूल्यांकन पास करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
नो डिटेंशन पॉलिसी में हुआ है अहम बदलाव
केंद्र सरकार ने साल दो हजार उन्नीस में शिक्षा के अधिकार अधिनियम में बड़ा संशोधन किया था। इसके तहत नो डिटेंशन पॉलिसी को वापस ले लिया गया। अब राज्य सरकारों को पांचवीं और आठवीं में छात्रों को फेल करने का अधिकार है। नियमों के अनुसार फेल होने वाले छात्रों को दो महीने में दोबारा परीक्षा देनी होती है। दूसरी परीक्षा में भी फेल होने पर उन्हें उसी कक्षा में रोक दिया जाता है। स्कूलों द्वारा इन नियमों की अनदेखी हो रही थी।
नियम तोड़ने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज
शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने इस मामले पर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि इस मामले में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। विभाग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा।
