कांगड़ा में 20 साल पुराना प्रतिबंध खत्म: मंड खड्ड में अब गूंजेगी मशीनों की आवाज, सरकार ने दी हरी झंडी

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले की मंड खड्ड में लंबे समय से जारी खनन प्रतिबंध को आखिरकार हटा दिया है। यह प्रतिबंध वर्ष 2006 से सिहोटी गांव से लेकर सियारा तक प्रभावी था। अब इस क्षेत्र में वैज्ञानिक और नियंत्रित तरीके से रेत, पत्थर और बजरी का खनन शुरू हो सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से राज्य के राजस्व में वृद्धि होने और अवैध खनन पर लगाम लगने की उम्मीद है।

वैज्ञानिक समिति की रिपोर्ट के बाद लिया गया बड़ा फैसला

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने कांगड़ा के एसडीएम की अध्यक्षता में एक संयुक्त निरीक्षण समिति बनाई थी। समिति ने सितंबर 2023 में प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और खनिजों के स्तर की जांच की। जांच में पाया गया कि पिछले 16 वर्षों में खड्ड में खनिजों का पर्याप्त पुनर्भरण हो चुका है। अब यह क्षेत्र वैज्ञानिक खनन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पुरानी अधिसूचना को निरस्त करने का निर्णय लिया।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू

खनन की अनुमति देते समय सरकार ने सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा है। समिति ने सिफारिश की है कि खनन गतिविधियां शुरू करते समय पुलों और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं से उचित दूरी बनाई रखी जाए। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लघु खनिज नियम, 2015 की सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही हो। इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखा जा सकेगा।

खनिजों के अत्यधिक जमाव से पैदा हो गया था नया खतरा

जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, मंड खड्ड में खनिजों का भारी जमाव हो गया था। राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण ने भी माना कि लंबे समय तक खनन बंद रहने से सार्वजनिक ढांचे को खतरा पैदा हो सकता था। बारिश के मौसम में जमा हुआ मलबा निचले इलाकों में तबाही मचा सकता था। खनिजों को हटाना अब सुरक्षा की दृष्टि से भी जरूरी हो गया था। सरकार का यह कदम पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है।

राजस्व में होगी बढ़ोत्तरी और रुकेगा अवैध खनन का खेल

मंड खड्ड में खनन दोबारा शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि वैध खनन शुरू होने से माफियाओं के अवैध धंधे पर चोट लगेगी। विभाग को काफी समय से इस प्रतिबंध को हटाने के लिए कई आवेदन प्राप्त हो रहे थे। अब नियमों के अधीन खनन होने से सरकार को भारी भरकम रॉयल्टी प्राप्त होगी। यह धन राज्य के विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उपयोग किया जाएगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories