हमीरपुर में 12 दलित परिवारों के साथ भेदभाव? पुरानी सड़क उखाड़ी, न्याय के लिए राज्य अनुसूचित जाति आयोग पहुंचा मामला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से जातिगत भेदभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है। भोरंज तहसील के बल्ह बलेत गांव के अनुसूचित जाति समुदाय के लोग बुधवार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग पहुंचे। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने नई सड़क निर्माण में मानवाधिकारों के हनन और उनके साथ जानबूझकर भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।

नई सड़क के नाम पर उखाड़ा गया पक्का रास्ता

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय दलित मानव अधिकार अभियान के राज्य महासचिव राज महे ने किया। उन्होंने आयोग के सामने पूरी स्थिति विस्तार से रखी। राज महे ने बताया कि गांव में पहले से ही लोगों के चलने के लिए एक पक्का रास्ता बना हुआ था। नई सड़क बनाने के नाम पर विभाग ने उस पुराने रास्ते को पूरी तरह हटा दिया। इस वजह से गांव के अनुसूचित जाति समाज के करीब बारह परिवारों तक सड़क की सुविधा पूरी तरह कट गई है।

बीमारों और गर्भवती महिलाओं की लगातार बढ़ रही मुश्किलें

सड़क सुविधा छिन जाने के कारण गांव के इन बारह परिवारों को हर दिन भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों, घर के बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है। अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी आने पर इन लोगों को अस्पताल पहुंचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। सड़क न होने से बच्चों का स्कूल जाना भी बुरी तरह प्रभावित होता है।

राज्य आयोग ने दिया निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई का भरोसा

आयोग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कुलदीप धीमान ने ग्रामीणों की सभी समस्याओं को बहुत ध्यान से सुना। उन्होंने तुरंत संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर उचित कार्रवाई करवाने का पक्का आश्वासन दिया। धीमान ने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव करना या उसे मूलभूत सुविधाओं से दूर रखना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। उन्होंने जल्द ही मामले की जमीनी सच्चाई जानने के लिए जांच की बात कही है।

अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है आयोग

कुलदीप धीमान ने कहा कि राज्य अनुसूचित जाति आयोग समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हर शिकायत पर कानून के तहत बहुत गंभीरता से विचार किया जाता है। इस बैठक के दौरान आयोग के कई महत्वपूर्ण सदस्य मौजूद रहे। इनमें अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा, शालिनी जमवाल और विनय मोदी शामिल थे। कांग्रेस अनुसूचित जाति के प्रधान जिला अध्यक्ष बलराम महे और गांव के महिंद्र व राजिंदर भी इस अहम बैठक का हिस्सा बने।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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