जहर उगल रही हैं दवा फैक्ट्रियां? हिमाचल हाईकोर्ट की सख्ती से मचा हड़कंप, फर्जी डिग्री घोटाले में भी बड़ी कार्रवाई

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में घटिया दवाओं के निर्माण और फर्जी डिग्री घोटाले पर शासन-प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश हाईकोर्ट ने असुरक्षित दवाओं के गंभीर मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। दूसरी ओर, सोलन के चर्चित मानव भारती विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री मामले में ईडी को बड़ी सफलता मिली है। विशेष अदालत ने प्रमोटर की संपत्तियों को जब्त कर केंद्र सरकार को सौंपने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। इन दोनों बड़ी कार्रवाइयों ने प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

घटिया दवाओं पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य से मांगा जवाब

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया की खंडपीठ ने असुरक्षित दवाओं को जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बताया है। अदालत ने स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को इस मामले में प्रतिवादी बनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने बद्दी और सोलन समेत अन्य क्षेत्रों की 19 कंपनियों की 26 दवाओं पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट अब इस संवेदनशील मामले की सुनवाई एक अन्य लंबित जनहित याचिका के साथ करेगा।

तीन महीनों में 190 दवाओं के सैंपल फेल, मरीजों की जान जोखिम में

हिमाचल में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर डरावने आंकड़े सामने आए हैं। इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही 190 दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। जनवरी में 71, फरवरी में 73 और मार्च में 46 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इनमें निमोनिया, बीपी, अल्सर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जीवन रक्षक दवाएं शामिल हैं। अदालत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए जवाबदेही तय करने के संकेत दिए हैं।

फर्जी डिग्री घोटाले के प्रमोटर की संपत्ति जब्त, केंद्र का होगा कब्जा

मानव भारती विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री घोटाले में प्रमोटर मंदीप राणा को तगड़ा झटका लगा है। विशेष अदालत ने पीएमएलए के तहत ईडी की याचिका स्वीकार करते हुए आरोपी की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एजेंटों के जरिए करोड़ों रुपये लेकर फर्जी डिग्रियां बेची थीं। अब यह अवैध कमाई और उससे बनाई गई चल-अचल संपत्तियां सीधे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आ जाएंगी। जांच एजेंसी ने अब तक 200 करोड़ की संपत्ति अटैच की है।

ऑस्ट्रेलिया भागे प्रमोटर घोषित हुए भगोड़ा, कानूनी शिकंजा कसा

अदालत ने मंदीप राणा और उसकी मां अशोनी कंवर को पहले ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। ये दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रहकर भारतीय कानूनी प्रक्रिया और वारंट की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। जांच के दौरान 387 करोड़ रुपये के ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ का पता चला है। आरोपियों ने इस काले धन को बैंक खातों और परिवार की संपत्तियों में निवेश किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया को जानबूझकर विफल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories