Himachal News: हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिना शिक्षक वाले प्राथमिक स्कूलों में अब टीजीटी और प्रवक्ताओं की ड्यूटी अनिवार्य कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। आदेश न मानने वाले कांप्लेक्स प्रभारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही प्रदेश भर में 355 शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके लिए 3 और 4 जून को काउंसलिंग होगी।
प्रिंसिपल तय करेंगे प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ की ड्यूटी
स्कूल शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में सख्त हिदायत जारी की है। उन्होंने कहा कि कांप्लेक्स प्रणाली का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों का साझा उपयोग करना है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करना बड़ी प्राथमिकता है। जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, वहां बड़े स्कूलों से तुरंत स्टाफ भेजा जाएगा। अगर कोई प्राथमिक स्कूल बिना शिक्षक के पाया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर स्कूल प्रिंसिपल की होगी। विभाग पढ़ाई से कोई समझौता नहीं करेगा।
बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात के बावजूद हो रही प्रबंधन की कमी
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में शिक्षक-छात्र अनुपात काफी अच्छा है। प्राथमिक स्तर पर 12, मिडिल में 7, हाई स्कूल में 8 और सीनियर सेकेंडरी में 11 छात्रों पर एक शिक्षक मौजूद है। इसके बावजूद कुछ स्कूलों में शिक्षकों का न होना खराब प्रबंधन को दर्शाता है। विभाग ने साफ किया है कि जिन प्राथमिक स्कूलों में दो जेबीटी शिक्षक हैं और 15 से ज्यादा छात्र हैं, वहां से किसी को शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
शारीरिक शिक्षकों के 355 पदों पर शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया
हिमाचल के स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की कमी भी जल्द दूर होगी। शिक्षा निदेशालय ने 355 पदों को बैचवाइज आधार पर भरने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशक कार्यालयों में तीन और चार जून को विशेष काउंसलिंग रखी गई है। उम्मीदवार केवल अपने गृह जिले में ही काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। किसी दूसरे जिले में आवेदन पूरी तरह अमान्य होगा। काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों को अपनी पसंद बतानी होगी।
शारीरिक शिक्षक भर्ती के लिए तय किए गए जरूरी नियम
विभाग ने बताया कि चुनी गई वरीयता किसी हाल में नहीं बदलेगी। उम्मीदवारों को विकल्प ध्यान से भरने होंगे। शिक्षक पद के लिए ये योग्यताएं होना बेहद अनिवार्य हैं:
- 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास और डीपीएड डिप्लोमा।
- 50 प्रतिशत अंकों के साथ बीपीएड डिग्री या शारीरिक शिक्षा में स्नातक।
- राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अंकों में 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। पूर्व सैनिकों के लिए भी विशेष प्रावधान रखे गए हैं।
