क्या सच में खत्म हो गया असली क्रिकेट? IPL के काले सच पर मुरलीधरन का चौंकाने वाला खुलासा

Sports News: इंडियन प्रीमियर लीग अब केवल एक बड़ा व्यापार बन चुका है। श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने टूर्नामेंट की सच्चाई दुनिया के सामने रखी है। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजी कोच मुरलीधरन ने स्पष्ट किया है कि दर्शक केवल चौके और छक्के देखना पसंद करते हैं। अगर क्रिकेट में गेंद और बल्ले के बीच निष्पक्ष मुकाबला होगा तो लोग बोर हो जाएंगे। टी20 क्रिकेट में दर्शकों का मनोरंजन ही इस व्यापार को आगे बढ़ाता है।

गेंदबाजों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण समय

आईपीएल के मौजूदा सीजन में लगातार बड़े रिकॉर्ड टूट रहे हैं। यह रिकॉर्ड केवल बल्लेबाजों के पक्ष में बन रहे हैं। मुंबई इंडियंस जैसी शानदार टीम भी बड़े लक्ष्य का बचाव नहीं कर पा रही है। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे महान गेंदबाज भी लगातार रन लुटा रहे हैं। मुरलीधरन के अनुसार आधुनिक क्रिकेट में गेंदबाजों को यह कड़वी सच्चाई स्वीकार करनी होगी। आधुनिक खेल की मांग यही है कि हर गेंद पर कड़ा प्रहार किया जाए।

युवा बल्लेबाजों का बेखौफ और आक्रामक अंदाज

सनराइजर्स हैदराबाद की सलामी जोड़ी हर मैच में विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बना रही है। पहले छह ओवर में चालीस रन एक अच्छा स्कोर माना जाता था। आज के समय में यह औसत अस्सी रन तक पहुंच गया है। अभिषेक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी बिना किसी डर के खुलकर शॉट लगा रहे हैं। नए खिलाड़ी बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाजों को भी आसानी से छक्के जड़ रहे हैं। आजकल के बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बहुत अधिक बढ़ चुका है।

स्पिनरों को बचपन से सही ट्रेनिंग की जरूरत

आधुनिक क्रिकेट में असली स्पिनरों की भारी कमी नजर आ रही है। गेंदबाज गेंद को घुमाने के बजाय केवल तेज गति पर निर्भर हैं। मुरलीधरन का मानना है कि युवाओं को बचपन से ही स्पिन की सही कला सीखनी चाहिए। अंडर-19 स्तर पर आने के बाद स्पिन सीखना बहुत मुश्किल हो जाता है। गेंदबाजों को मैदान पर लगातार नया तरीका खोजना पड़ता है। सही अभ्यास और सटीकता से ही गेंदबाज आधुनिक बल्लेबाजों को रोक सकते हैं।

मनोरंजन और व्यापार का पूरा खेल

क्रिकेट में इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने बल्लेबाजों को अधिक स्वतंत्रता दी है। बाउंड्री बड़ी करने से भी बल्लेबाजों की आक्रामक मानसिकता नहीं बदलेगी। आईपीएल के आयोजकों ने इस टूर्नामेंट को पूरी तरह मनोरंजन के लिए डिजाइन किया है। स्पॉन्सर और फैंस को खुश रखने के लिए बड़े स्कोर वाले मैच बहुत जरूरी हैं। मुरलीधरन मानते हैं कि गेंदबाज धीरे-धीरे इस नए प्रारूप के अनुसार खुद को ढाल लेंगे। इस बदलाव में गेंदबाजों को थोड़ा समय जरूर लगेगा।

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