New Delhi: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हलचल तेज हो गई है। 3 नवंबर 2025 को गठित हुए इस आयोग ने अपने कार्यकाल के शुरुआती छह महीने सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह समय सीमा आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्धारित कुल वक्त का करीब एक-तिहाई हिस्सा है। वर्तमान में आयोग डेटा जुटाने और विभिन्न पक्षों से गहन परामर्श करने के महत्वपूर्ण चरण में सक्रियता से काम कर रहा है।
अप्रैल में प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, भर्ती और ज्ञापन पर हुआ बड़ा काम
अप्रैल के महीने में वेतन आयोग की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। आयोग ने 10 अप्रैल के आसपास विशेषज्ञ कर्मचारियों की अनुबंध पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके ठीक बाद 14 अप्रैल को नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 51 पन्नों का एक विस्तृत मांग पत्र आयोग को सौंपा। इसमें कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पेंशन सुधार और अन्य सेवा शर्तों से जुड़ी प्रमुख मांगों को तथ्यों के साथ विस्तार से सूचीबद्ध किया गया है।
दिल्ली में बैठक और हैदराबाद-श्रीनगर के दौरों का पूरा शेड्यूल
महीने के आखिरी दिनों में आयोग ने दिल्ली में NC-JCM के प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक चर्चा का पहला राउंड पूरा किया। यह बैठकें 28 से 30 अप्रैल तक चलीं, जिसमें वेतन संरचना और भत्तों पर गहन मंथन हुआ। अब आयोग अपने जनसंपर्क अभियान को विस्तार देने के लिए तैयार है। इसके तहत आयोग की टीम 18-19 मई को हैदराबाद, 1 से 4 जून तक श्रीनगर और 8 जून को लद्दाख का दौरा करके स्थानीय प्रतिनिधियों से सुझाव लेगी।
ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ी, हितधारकों को मिला अतिरिक्त समय
कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों के लिए एक और राहत भरी खबर सामने आई है। आयोग ने ज्ञापन और सुझाव प्रस्तुत करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर अब 31 मई 2026 कर दिया है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य सभी पक्षों को अपनी राय और डेटा साझा करने के लिए पर्याप्त अवसर देना है। इससे आयोग को भविष्य की वेतन संरचना तैयार करने में अधिक सटीक और जमीनी जानकारी प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी।
सैलरी और पेंशन की समीक्षा में लगेगा वक्त, धैर्य रखने की सलाह
वेतन आयोग की कार्यप्रणाली काफी जटिल होती है क्योंकि इसमें लाखों लोगों की आर्थिक स्थिति जुड़ी होती है। आयोग को सैलरी, पेंशन और विभिन्न भत्तों की विस्तृत समीक्षा करनी पड़ती है। छह महीने के अपडेट से यह साफ है कि बुनियादी होमवर्क पूरा हो चुका है। हालांकि, अंतिम सिफारिशें आने और सरकार के फैसले में अभी कुछ वक्त लगेगा। आने वाले महीनों में डेटा विश्लेषण के बाद ही नई वेतन संरचना की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।
- हैदराबाद दौरा: 18-19 मई 2026 को स्थानीय निकायों से चर्चा।
- श्रीनगर और लद्दाख: जून के पहले सप्ताह में क्षेत्रीय दौरों का आयोजन।
- ज्ञापन की नई तारीख: 31 मई 2026 तक सुझाव जमा करने का मौका।
- भर्ती प्रक्रिया: डेटा विश्लेषण के लिए विशेषज्ञ टीम की नियुक्ति शुरू।


