अखाड़े में ‘शेरनी’ की वापसी: बृजभूषण के गढ़ में हुंकार भरेंगी विनेश फोगाट, रजिस्ट्रेशन विवाद के बाद अब दंगल की बारी

Gonda News: भारतीय कुश्ती की सबसे चर्चित चेहरा और फायरब्रांड पहलवान विनेश फोगाट एक बार फिर मैट पर पसीना बहाने के लिए तैयार हैं। करीब 20 महीने लंबे अंतराल के बाद विनेश ने अखाड़े में वापसी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। वह उत्तर प्रदेश के गोंडा में 10 से 12 मई 2026 तक आयोजित होने वाले ‘नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट’ में अपनी ताकत दिखाएंगी। पेरिस ओलंपिक 2024 में वजन के चलते पदक से चूकने के बाद, विनेश का यह फैसला उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है।

बृजभूषण के गढ़ में होगा विनेश का दंगल

विनेश फोगाट की यह वापसी राजनीतिक और खेल जगत, दोनों ही लिहाज से बेहद दिलचस्प मानी जा रही है। दरअसल, यह प्रतियोगिता भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के गृह क्षेत्र नवाबगंज स्थित नंदिनीनगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में होने जा रही है। बृजभूषण और विनेश के बीच का विवाद जगजाहिर है, ऐसे में उन्हीं के द्वारा स्थापित संस्थान में विनेश का उतरना चर्चा का विषय बन गया है। विनेश इस बार 57 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी किस्मत आजमाएंगी।

रजिस्ट्रेशन को लेकर हुआ नया विवाद

प्रतियोगिता से पहले ही विनेश और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच तनातनी देखने को मिली। विनेश ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि महासंघ जानबूझकर उनका ऑनलाइन पंजीकरण नहीं होने दे रहा है। हालांकि, WFI के अध्यक्ष संजय सिंह ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विनेश का पंजीकरण 27 अप्रैल की रात को ही तकनीकी खामियों के बावजूद पूरा हो चुका था। महासंघ ने कहा कि यह एक ओपन टूर्नामेंट है और किसी भी खिलाड़ी को रोकने का कोई इरादा नहीं है।

57 किलो वर्ग में होगी नई चुनौती

विनेश फोगाट ने अपने करियर में कई बार भार वर्ग बदले हैं, लेकिन इस बार 57 किलो वर्ग में उनकी चुनौती बड़ी होने वाली है। यह उनके पिछले भार वर्ग से करीब 7 किलो अधिक है। प्रतियोगिता के कार्यक्रम के अनुसार, 10 मई को फ्रीस्टाइल, 11 को ग्रीको रोमन और 12 मई को महिला कुश्ती के मुकाबले होंगे। इसमें पदक जीतने वाले पहलवानों को सीधे नेशनल कैंप के लिए चुना जाएगा, जो भविष्य में एशियाई खेलों के ट्रायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

विधायक से फिर पहलवान बनने का सफर

विनेश फोगाट ने वर्ष 2023 में महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के खिलाफ हुए आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर सबको चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेकर राजनीति का रुख किया और हरियाणा की जुलाना सीट से कांग्रेस विधायक चुनी गईं। हालांकि, दिसंबर 2025 में उन्होंने अपना संन्यास वापस लेने की घोषणा कर सबको हैरान कर दिया। अब वह न केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में बल्कि एक योद्धा पहलवान के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाने उतर रही हैं।

गोंडा बनेगा भारतीय कुश्ती का नया केंद्र

कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ‘बबलू’ का कहना है कि गोंडा ने हमेशा से भारतीय कुश्ती को नई दिशा दी है। कुछ विवादों के कारण यहां कैंप और प्रतियोगिताएं रुक गई थीं, लेकिन अब सभी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सभी शीर्ष पहलवानों का स्वागत है और पारदर्शी तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। खेल प्रेमियों की नजरें अब 12 मई पर टिकी हैं, जब विनेश फोगाट लंबे समय बाद कुश्ती की पोशाक में अखाड़े के अंदर अपना दमखम दिखाएंगी।

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