Delhi News: दिल्ली को ग्लोबल सिटी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब फ्लाईओवर सिर्फ ट्रैफिक का जरिया नहीं होंगे, बल्कि शहर की खूबसूरती का केंद्र बनेंगे। सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत एक नई पहल शुरू की है। इसमें निजी कंपनियां फ्लाईओवर के नीचे की खाली और उपेक्षित जगहों को शानदार पब्लिक स्पेस में बदलेंगी।
पहले चरण में ये 6 फ्लाईओवर होंगे विकसित
दिल्ली सरकार ने सौंदर्यीकरण के लिए पहले चरण में छह प्रमुख फ्लाईओवर चुने हैं। इनमें लोधी फ्लाईओवर, ओबेरॉय फ्लाईओवर, हनुमान सेतु, मयूर विहार फेस-1 फ्लाईओवर, अप्सरा फ्लाईओवर और नेताजी सुभाष प्लेस फ्लाईओवर शामिल हैं। इन जगहों पर अब गंदगी और अतिक्रमण की जगह आधुनिक सुविधाएं देखने को मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहर के चहरे को बदल देगा। हनुमान सेतु पर रामायण के दृश्यों की झलक देखने को मिलेगी।
फ्लाईओवर के नीचे मिलेंगी ये खूबसूरत सुविधाएं
फ्लाईओवर के नीचे अब कला और संस्कृति की झलक होगी। दीवारों पर सुंदर चित्र (म्यूरल) बनाए जाएंगे। चारों तरफ हरियाली और आकर्षक पौधे लगाए जाएंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच, टहलने के लिए पाथ-वे और युवाओं के लिए खास ‘सेल्फी पॉइंट्स’ बनाए जाएंगे। सफाई की पुख्ता व्यवस्था होगी, ताकि ये जगहें दोबारा खराब न हों। यह पहल दिल्ली को और अधिक सुंदर और रहने लायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फ्लाईओवर के नीचे की जगहों का सदुपयोग होगा।
डालमिया, गोदरेज और ईजीमायट्रिप ने गोद लिए फ्लाईओवर
इस मिशन को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत नामी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। डालमिया ग्रुप, गोदरेज इंडस्ट्रीज और ईजमायट्रिप फाउंडेशन ने इन फ्लाईओवरों को ‘गोद’ लिया है। ये कंपनियां ही इनके सजावट और रखरखाव का खर्च उठाएंगी। बदले में, उन्हें वहां सीमित संख्या में विज्ञापन लगाने की अनुमति दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट में शहर के विकास और सुंदरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह पीपीपी मॉडल का एक बेहतरीन उदाहरण है। आने वाले महीनों में इन जगहों पर काम शुरू हो जाएगा।
